पटेरा में बीज वितरण के दौरान बुधवार को हुई अव्यवस्था के बाद गुरुवार को किसानों को व्यवस्थित तरीके से बीज उपलब्ध कराने के लिए अधिकारियों ने कमान संभाली। दमोह से सहायक संचालक कृषि विभाग जेएल प्रजापति पटेरा स्थित कृषि कार्यालय पहुंचे और बीज वितरण व्यवस्था का जायजा लिया। किसानों की सुविधा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पटेरा पुलिस बल के साथ राजस्व विभाग के पटवारी और कोटवार भी तैनात रहे। अधिकारियों की मौजूदगी में किसानों को व्यवस्थित तरीके से बीज वितरण कराने के प्रयास किए गए। बुधवार को बीज वितरण के दौरान किसानों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी, जिससे व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी। कई किसानों को घंटों इंतजार करना पड़ा, वहीं कुछ को बीज मिले ही नहीं। इस अव्यवस्था को देखते हुए, कृषि विभाग ने गुरुवार को स्थिति को संभालने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए। किसानों को समय पर और सही मात्रा में बीज उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता बन गई थी। सहायक संचालक जेएल प्रजापति ने पटेरा कृषि कार्यालय पहुंचकर सबसे पहले वितरण स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां मौजूद कर्मचारियों से व्यवस्था के बारे में जानकारी ली और किसानों की समस्याओं को समझा। प्रजापति ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी किसान को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए और बीज वितरण पारदर्शी तरीके से होना चाहिए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि पर्याप्त मात्रा में बीज उपलब्ध हों ताकि सभी जरूरतमंद किसानों को मिल सकें। किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए थे। पटेरा पुलिस बल की तैनाती से कानून व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिली। राजस्व विभाग के पटवारी और कोटवारों ने भी अपनी भूमिका निभाई, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि सही किसानों को बीज मिलें और किसी भी तरह की धांधली न हो। इन सभी के संयुक्त प्रयास से गुरुवार को वितरण व्यवस्था बुधवार की तुलना में काफी बेहतर रही। अधिकारियों की मौजूदगी ने किसानों में भी विश्वास पैदा किया। उन्हें लगा कि उनकी समस्याओं को सुना जा रहा है और समाधान के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इससे भीड़ को नियंत्रित करने में भी मदद मिली और वितरण प्रक्रिया अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। किसानों ने अधिकारियों के इस कदम की सराहना की, हालांकि उन्होंने भविष्य में ऐसी अव्यवस्था से बचने के लिए स्थायी समाधान की भी मांग की। पटेरा जिले में रबी सीजन की बुवाई के लिए बीज की मांग अधिक है। विभाग ने किसानों को समय पर उन्नत किस्म के बीज उपलब्ध कराने की योजना बनाई थी, लेकिन पहले दिन की अव्यवस्था ने इस योजना पर सवाल खड़े कर दिए थे। गुरुवार को अधिकारियों के हस्तक्षेप से स्थिति नियंत्रण में आई, लेकिन यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि भविष्य में ऐसी समस्याएं दोबारा उत्पन्न न हों। इस पूरी प्रक्रिया में, किसानों की सुविधा को सर्वोपरि रखा गया। यह सुनिश्चित करने के लिए कि किसी भी किसान को बीज न मिल पाने की शिकायत न रहे, प्रत्येक किसान के लिए बीज की मात्रा निर्धारित की गई थी। जिन किसानों ने पहले आवेदन किया था, उन्हें प्राथमिकता दी गई। इसके बावजूद, भीड़ को देखते हुए, अधिकारियों ने लचीला रवैया अपनाया और यह सुनिश्चित करने की कोशिश की कि अधिक से अधिक किसानों को बीज मिल सकें। सहायक संचालक प्रजापति ने वितरण स्थल पर मौजूद कर्मचारियों को निर्देश दिया कि वे किसानों के साथ विनम्रता से पेश आएं और उनकी समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुनें। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि बीजों की गुणवत्ता की जांच की जाए, ताकि किसानों को अच्छी गुणवत्ता वाले बीज ही मिलें। यह कदम न केवल वितरण प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए था, बल्कि किसानों का विश्वास जीतने के लिए भी महत्वपूर्ण था। पटेरा के स्थानीय कृषि कार्यालय में गुरुवार को सुबह से ही किसानों की भीड़ जुटने लगी थी। पुलिस बल ने भीड़ को व्यवस्थित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पटवारी और कोटवारों ने किसानों के पहचान पत्रों की जांच की और यह सुनिश्चित किया कि केवल पंजीकृत किसानों को ही बीज वितरित किए जाएं। यह घटना पटेरा जिले में कृषि विभाग की तैयारियों पर भी सवाल खड़े करती है।
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पटेरा में बीज वितरण की कमान अधिकारियों ने संभाली
29 अक्टूबर 2026 को 10:40 pm बजे
पटेरा में बीज वितरण की कमान अधिकारियों ने संभाली
