मध्य प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और सुरक्षित बनाने के लिए मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत तैयारियां तेज कर दी गई हैं। भोपाल स्थित स्मार्ट सिटी परिसर में मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एमपीवाईपीआईएल) का मुख्यालय स्थापित किया जा रहा है। यहां एक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनाया जाएगा, जहां से प्रदेशभर में चलने वाली बसों के संचालन और यात्रियों की सुरक्षा पर नजर रखी जाएगी। सरकार ने वर्ष 2030-31 तक प्रदेश में करीब 15 हजार बसों के संचालन का लक्ष्य रखा है। इस मुख्यालय में लगभग 150 अधिकारियों और कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था होगी। यहां से सात क्षेत्रीय सहायक कंपनियों के साथ समन्वय कर बस सेवाओं की निगरानी, नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा। योजना के तहत सिटी, इंटरसिटी और इंटरस्टेट बसों का संचालन किया जाना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 25 सितंबर 2026 को पीएम ई-बस सेवा और मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का शुभारंभ किया था। इसके बाद एमपीवाईपीआईएल के माध्यम से बसों का संचालन शुरू किया गया। सात शहरों में बनेंगे क्षेत्रीय कार्यालय: बस सेवाओं के संचालन और निगरानी के लिए भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर और रीवा में क्षेत्रीय कंपनियों के कार्यालय स्थापित या विकसित किए जा रहे हैं। इन कार्यालयों में भी कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के जरिए संबंधित जिलों में चलने वाली बसों की निगरानी की जाएगी। भोपाल: बीसीएलएल का कार्यालय आईएसबीटी भवन में बनाया जा रहा है।
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एमपी में परिवहन व्यवस्था आधुनिक बनाने की तैयारी तेज
25 अक्टूबर 2026 को 11:53 pm बजे
