घर में गैस फैलने से आग लगाने की कोशिश का शक
भोपाल में रिटायर्ड आईएएस राकेश अग्रवाल की हत्या ने सनसनी फैला दी है। बुधवार सुबह करीब 5:30 बजे उनकी पत्नी ने घर के मुख्य दरवाजे को बंद पाया। दरवाजा खोलने की कोशिश के बाद उन्होंने घर में काम करने वाले राजन थापा को फोन किया। जब स्थिति संदिग्ध लगी, तो वह राकेश अग्रवाल के कमरे की तरफ गईं। राकेश के गले पर धारदार हथियार से किए गए हमले के निशान थे। परिजनों को घटना की जानकारी देने के बाद पुलिस को वारदात की सूचना दी गई। कुछ ही देर में पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने प्रारंभिक जांच में पाया कि घर में एलपीजी गैस फैली हुई थी, जिससे आग लगने की कोशिश का शक पैदा हुआ। पुलिस को संदेह है कि हत्या के बाद आरोपी ने सबूत मिटाने या घर को आग लगाने का प्रयास किया। बताया जा रहा है कि किचन में एलपीजी सिलेंडर का पाइप निकला हुआ था, जिससे पूरे घर में गैस फैल गई थी। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि केयरटेकर का पिछला रिकॉर्ड क्या है। राकेश अग्रवाल ने दो दिन पहले ही एक व्यक्ति को हाउस हेल्प के तौर पर काम पर रखा था। अब वह लापता है, जिससे पुलिस का शक उस पर और गहरा गया है। घटना के समय केयरटेकर का सामान भी घर में नहीं मिला, जिससे उसकी संदिग्ध भूमिका की पुष्टि होती है। पुलिस कमिश्नर संजय कुमार समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से अहम सुराग जुटाए हैं और हत्या में इस्तेमाल हथियार की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस ने घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगालना शुरू किया है। हालांकि, हत्या के कारणों का अभी तक पता नहीं लग पाया है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि वारदात के पीछे लूट, आपसी विवाद या व्यक्तिगत रंजिश थी या नहीं।
