बांसवाड़ा के उदाजी का गड़ा स्थित सरस्वती विद्या मंदिर संस्थान में दीपोत्सव का पर्व हर्षोल्लास से मनाया गया। इस दौरान दीप प्रज्वलन, आतिशबाजी और एक भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। संस्थान के प्रबंध निदेशक महेंद्र पुरोहित और अध्यक्ष रामावतार पारीक ने कवियों का स्वागत कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कवि सम्मेलन का प्रारंभ उज्जैन के वीर रस कवि राहुल शर्मा ने 'पूर्ण हुआ वनवास राम का, फिर दिवाली आई है' जैसी रचना से किया। उन्होंने प्रभु श्रीराम के वनवास की पूर्णता और दीपावली के उल्लास को व्यक्त किया। शर्मा ने अपनी प्रसिद्ध कविता 'पन्नाधाय' के माध्यम से मेवाड़ के गौरव, त्याग और बलिदान की स्मृतियों को भी ताजा किया। कार्यक्रम में इंदौर से पधारे हास्य कवि कमलेश दवे ने अपनी हास्य रचनाओं और चुटीली टिप्पणियों से श्रोताओं को खूब हंसाया। उनकी प्रस्तुतियों ने माहौल को खुशनुमा बना दिया। कवि सम्मेलन से पहले, उज्जैन के कवि और मोटिवेशनल स्पीकर शर्मा ने विद्यार्थियों के लिए एक विशेष मोटिवेशनल पोएटिक सेशन का आयोजन किया। इस सत्र में उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरणादायक कविताओं के माध्यम से प्रोत्साहित किया। दीपोत्सव के अवसर पर संस्थान के छात्रावास में रहने वाले छात्र-छात्राओं और स्टाफ कर्मचारियों ने मिलकर सामूहिक रूप से लगभग 1500 दीपक प्रज्वलित किए। इन दीपकों की जगमगाती रोशनी ने पूरे परिसर को रोशन कर दिया। दीपों की मनमोहक रोशनी और आकर्षक आतिशबाजी ने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया, जिससे सभी उपस्थित लोग आनंदित हुए।
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विद्या मंदिर स्कूल दीपों और काव्य से सजा
8 नवंबर 2026 को 8:52 pm बजे
