सागर जीआरपी की कार्रवाई में दमोह रेलवे स्टेशन पर 40 वर्षीय महिला 7 किलो गांजे के साथ पकड़ी गई है। यह महिला ओडिशा से गांजा लेकर मध्य प्रदेश में बेचने आई थी और पूछताछ में कटनी सहित अन्य स्थानों पर भी सप्लाई की बात स्वीकार कर चुकी है। पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया है
सागर जीआरपी ने दमोह रेलवे स्टेशन पर कार्रवाई करते हुए 40 वर्षीय एक महिला को करीब 7 किलो गांजे के साथ गिरफ्तार किया है। यह महिला ओडिशा के बौद्ध जिले से गांजा लेकर मध्य प्रदेश में बेचने आई थी। खास बात यह है कि वह अपने साथ दो बच्चों को भी लेकर आई थी, जिन्हें इस धंधे में शामिल करने की मंशा थी या वे अनजाने में इस अपराध का हिस्सा बन रहे थे, यह जांच का विषय है। मुखबिर से मिली गुप्त सूचना के आधार पर जीआरपी ने स्टेशन पर घेराबंदी कर उसे पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके पिट्ठू बैग से गांजा बरामद हुआ, जिससे उसकी तस्करी की योजना का खुलासा हुआ। जानकारी के अनुसार, महिला ओडिशा से गांजा लेकर दमोह पहुंची थी। यहां उसे इस खेप की सप्लाई करनी थी, जिसके लिए वह पूरी तरह से तैयार थी। मुखबिर से सूचना मिलने के बाद सागर जीआरपी की टीम ने तत्परता दिखाते हुए दमोह रेलवे स्टेशन पर कार्रवाई की। पुलिस ने महिला को हिरासत में लेकर जब उसके बैग की तलाशी ली, तो उसमें से करीब 7 किलो गांजा मिला। इस बरामदगी के बाद उसे गिरफ्तार कर जीआरपी थाने लाया गया। पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर पूछताछ शुरू कर दी है, ताकि इस रैकेट के अन्य सदस्यों का भी पता लगाया जा सके। पूछताछ के दौरान महिला ने यह स्वीकार किया है कि वह मध्य प्रदेश के कटनी और अन्य स्थानों पर पहले भी गांजा बेच चुकी है। यह कबूलनामा इस ओर इशारा करता है कि वह एक अनुभवी तस्कर है और उसका नेटवर्क काफी फैला हुआ है। पुलिस ने इस मामले में गंभीरता दिखाते हुए महिला को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे रिमांड पर लिया गया है। अब पुलिस उससे गांजा तस्करी से जुड़े नेटवर्क, मुख्य सप्लायर और अन्य सहयोगियों के संबंध में गहन पूछताछ कर रही है, ताकि पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जा सके। जीआरपी थाना प्रभारी एचएल चौधरी ने इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि गांजे की खेप के साथ एक महिला को गिरफ्तार किया गया है। उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। उन्होंने बताया कि तस्करी के नेटवर्क और गांजे की सप्लाई से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। यह कार्रवाई नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस के अभियान का एक हिस्सा है, जो लगातार जारी है। इस तरह की गिरफ्तारियां समाज को नशे के दलदल में धकेलने वालों के खिलाफ एक कड़ा संदेश देती हैं। यह घटना इस बात को भी रेखांकित करती है कि कैसे नशीले पदार्थ तस्कर अपने अपराधों को अंजाम देने के लिए बच्चों तक को शामिल करने से नहीं हिचकिचाते।
