मध्य प्रदेश की 16वीं विधानसभा का 12वां शीतकालीन सत्र 7 दिसंबर से शुरू होकर 11 दिसंबर तक चलेगा। राज्यपाल मंगुभाई पटेल की मंजूरी के बाद अधिसूचना जारी हो गई है। इस सत्र में दूसरा अनुपूरक बजट और महत्वपूर्ण विधेयक पारित कराए जाएंगे। पहले चार दिन प्रश्नोत्तर व शासकीय कार्य होंगे, जबकि 11 दिसंबर को अशासकीय कार्य होंगे। सत्र पूरी तरह से नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन (नेव) के जरिए पेपरलेस होगा, जिससे विधायकों को अपने टैबलेट से सवाल लगाने की सुविधा मिलेगी और उनकी स्थिति पारदर्शी रहेगी
मध्य प्रदेश की 16वीं विधानसभा का 12वां शीतकालीन सत्र 7 दिसंबर से शुरू होने जा रहा है। यह सत्र 11 दिसंबर तक चलेगा और इस दौरान कोई अवकाश नहीं रहेगा। राज्यपाल मंगुभाई पटेल की मंजूरी मिलने के बाद विधानसभा सचिवालय ने इस सत्र की अधिसूचना जारी कर दी है। सरकार इस संक्षिप्त सत्र में दूसरा अनुपूरक बजट और कई महत्वपूर्ण विधेयक पारित कराने की तैयारी में है। कार्यसूची के अनुसार, सत्र के पहले चार दिन प्रश्नोत्तर और शासकीय कार्य होंगे। वहीं, 11 दिसंबर (शुक्रवार) को दोपहर डेढ़ बजे के बाद अशासकीय कार्य किए जाएंगे। इस बार का सत्र तकनीकी दृष्टि से ऐतिहासिक होने जा रहा है, क्योंकि विधानसभा की कार्यवाही में दशकों से चली आ रही कागजी प्रक्रिया को खत्म कर नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन (नेव) के जरिए पूरी तरह पेपरलेस सिस्टम लागू किया जा रहा है। इस नए सिस्टम के लागू होने से विधायक अब विधानसभा पहुंचे बिना भी अपने टैबलेट से सवाल लगा सकेंगे। उनके सवालों की मौजूदा स्थिति क्या है, यह भी पूरी तरह पारदर्शी रहेगा। आम जनता और विधायकों के लिए यह सिस्टम कैसे बदलेगा, इसे समझना महत्वपूर्ण है। विधानसभा को पेपरलेस करने के लिए नेव में लॉगिन करने की प्रक्रिया भी सरल है। विधायक अपने टैबलेट पर दिए गए नेव आइकन या आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपने व्यक्तिगत यूजर आईडी और पासवर्ड के जरिए लॉगिन करेंगे। सिस्टम को सुरक्षित रखने के लिए 8 से 15 अक्षरों का कड़ा पासवर्ड अनिवार्य किया गया है। लॉगिन करते ही विधायक के सामने डैशबोर्ड खुलता है, जहां वे पिछले पांच दिनों की अपनी डिजिटल गतिविधियां, प्रोफाइल और भेजे गए सवालों का ब्योरा देख सकते हैं। डैशबोर्ड के 'ओन्लिने सुब्मिस्सिओन' विकल्प में जाकर विधायक तारांकित, अतारांकित सवाल या शून्यकाल, ध्यानाकर्षण, स्थगन प्रस्ताव, अशासकीय संकल्प और याचिकाएं चुन सकते हैं। 'नेव' बटन पर क्लिक करके विभाग, संबंधित मंत्री और सवाल का ब्योरा भरा जाता है। जब तक सवाल केवल सुरक्षित (सवे) रहता है, वह ड्राफ्ट मोड़ में रहेगा और स्क्रीन पर लाल पट्टी में दिखाई देगा। जब तक सवाल लाल रंग में दिख रहा है, इसका मतलब है कि वह अभी सचिवालय को नहीं गया है। इस दौरान विधायक 'एदित' में जाकर जब चाहें संशोधन कर 'अपडेट' कर सकते हैं। जैसे ही विधायक संतुष्ट होकर 'सेन्द' बटन दबाएंगे, सवाल तुरंत विधानसभा सचिवालय के सर्वर पर पहुंच जाएगा। सिस्टम उसी सेकंड सवाल को एक आधिकारिक डायरी नंबर जारी कर देगा और तारीख व समय दर्ज हो जाएगा। इसके साथ ही सिस्टम खुद-ब-खुद उस सवाल की एक आधिकारिक पीडीएफ फाइल तैयार कर देगा, जिसे रिकॉर्ड के लिए या प्रिंट भी किया जा सकता है। पहले सवाल की स्थिति जानने के लिए सचिवालय की शाखाओं में संपर्क करना पड़ता था, लेकिन अब 'क़ुएस्तिओन स्ततिस्तिचल रिपोर्ट' और 'क़ुएस्तिओन स्ततुस रिपोर्ट' मेनू में रियल-टाइम स्टेटस उपलब्ध रहेगा। स्क्रीन पर साफ दिखेगा कि सवाल अभी विचाराधीन (उन्देर चोन्सिदेरतिओन) है, मंजूर (अच्चेप्तेद) हुआ है, खारिज हुआ है या फिर उसका जवाब आ चुका है। इसके अलावा 'क़ुएस्तिओन लिस्त' में यह भी दर्ज होगा कि सदन की किस तारीख के लिए किस विभाग को प्रश्न क्रमांक तय किया गया है। यह पूरी प्रक्रिया विधायकों के लिए सवालों की स्थिति को समझना आसान बनाएगी। सदन के नियमों के मुताबिक, हर सदस्य के लिए नोटिस की एक सीमा तय होती है। नेव सिस्टम में यह सीमा ऑटोमेटेड है।

