मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल में आयोजित 'सुशासन संवाद 3.0' कार्यक्रम में कहा कि प्रदेश की माता-बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना सरकार का एक महत्वपूर्ण दायित्व है। उन्होंने बताया कि हमारी सरकार अब तक इन बहनों को 65 हज़ार करोड़ रुपये की राशि सहायता के तौर पर दे चुकी है। यह राशि समाज के सशक्तिकरण में अहम भूमिका निभा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहडोल जिले का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि वहां तेंदूपत्ता संग्रहण करने वाली महिलाओं को बोनस के माध्यम से आर्थिक मदद पहुंचाई जा रही है। यह पहल उन महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकार किसानों को भी आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि बहनों, किसानों और गरीबों को दी जा रही छोटी-छोटी आर्थिक सहायता राशि समाज के समग्र सशक्तिकरण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह राशि न केवल व्यक्तिगत जीवन को सुदृढ़ करती है, बल्कि पूरे समाज में सकारात्मक बदलाव लाती है। मध्य प्रदेश सरकार देश की एकमात्र ऐसी सरकार है जो केवल किसानों के सशक्तिकरण पर ही ध्यान केंद्रित नहीं कर रही, बल्कि पशुपालकों और दुग्ध उत्पादकों को भी सक्रिय रूप से प्रोत्साहित कर रही है। यह बहुआयामी दृष्टिकोण प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करता है। ग्रामीण क्षेत्रों में शासकीय भूमि पर बने मकानों की निःशुल्क रजिस्ट्री कराने की पहल को मुख्यमंत्री ने एक बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि इस पहल से ग्रामीण अपने मकानों पर बैंक से ऋण प्राप्त कर सकेंगे, जिससे वे अपने व्यापार को बढ़ा सकते हैं या अन्य आर्थिक गतिविधियों में निवेश कर सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वीकार किया कि ग्रामीणों में स्वामित्व योजना के प्रति उत्साह और आशा का भाव स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। यह योजना उन्हें अपनी संपत्ति का मालिकाना हक प्रदान करती है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार की उम्मीद जगी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह विचार भोपाल में एक मीडिया समूह द्वारा आयोजित 'सुशासन संवाद 3.0' कार्यक्रम में व्यक्त किए।
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मुख्यमंत्री डॉ. यादव: बहनों को 65 हजार करोड़ की सहायता से समाज सशक्त
25 अक्टूबर 2026 को 11:53 pm बजे
