कृमि नाशन अभियान बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और एनीमिया की रोकथाम के लिए महत्वपूर्ण है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रीता चटर्जी ने बताया कि जिले में 6 अक्टूबर को 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों का कृमिनाशन किया जाएगा। यह अभियान बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य और पोषण के लिए चलाया जा रहा है। कृमि नाशन दवा, एल्बेंडाजोल, बच्चों की उम्र के अनुसार दी जाएगी। 1 से 2 वर्ष के बच्चों को 200 मि.ग्रा. एल्बेंडाजोल की आधी गोली दी जाएगी, जिसे पीसकर पानी में मिलाकर दिया जाएगा। 2 से 3 वर्ष के बच्चों को 400 मि.ग्रा. की पूरी गोली पीसकर पानी में मिलाकर दी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग सभी बच्चों को निर्धारित केंद्रों, स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों पर दवा देने के लिए तैयार है। गैर पंजीकृत और स्कूल न जाने वाले बच्चों को भी नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र में दवा दी जाएगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी बच्चा इससे वंचित न रहे। अभिभावकों से अपील की गई है कि वे अपने 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों को कृमिनाशक दवा अवश्य दिलाएं। स्वस्थ बच्चा ही स्वस्थ परिवार और स्वस्थ भविष्य की नींव है। दवा लेने के बाद हल्की मितली या पेट में असहजता जैसी मामूली परेशानी हो सकती है, जो सामान्यतः थोड़े समय में ठीक हो जाती है। अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे बच्चों की दवा लेने की प्रक्रिया पर ध्यान दें। डॉ. विक्रांत चौहान, जिला कृमि नाशन नोडल अधिकारी ने बताया कि पेट में मौजूद कृमि बच्चों के भोजन से मिलने वाले पोषक तत्वों का उपयोग कर लेते हैं। इससे बच्चों में कमजोरी, थकान और पोषण संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। दवा को बिना चबाए सीधे निगलने से बचना चाहिए। अभिभावकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि बच्चे दवा को सही तरीके से लें। अधिक परेशानी होने पर अभिभावकों को तुरंत स्वास्थ्यकर्मी से संपर्क करने की सलाह दी गई है। कृमि नाशन अभियान बच्चों के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह अभियान बच्चों के अंदर से कृमियों को खत्म करके उन्हें स्वस्थ रखने का एक महत्वपूर्ण कदम है।
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जिले में 6 अक्टूबर को बच्चों का कृमिनाशन अभियान निर्धारित
30 सितंबर 2026 को 11:39 pm बजे

जिले में 6 अक्टूबर को बच्चों का कृमिनाशन अभियान निर्धारित
