अगले 4-5 दिन तक ऑनलाइन सेवाएं बहाल होने की उम्मीद नहीं
मध्य प्रदेश में साइबर सुरक्षा पर गंभीर सवालिया निशान लग गया है, क्योंकि प्रदेश के 30 से अधिक सरकारी विभागों के पोर्टल और वेबसाइटें पिछले एक सप्ताह से साइबर हमले की आशंका के चलते बंद हैं। इन बंद वेबसाइटों में जेल, राजस्व, ऊर्जा, उद्योग और सहकारिता जैसे महत्वपूर्ण विभाग शामिल हैं, जिससे विभागीय कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ है। ऑनलाइन सेवाएं ठप होने के कारण फिलहाल सभी सरकारी काम ऑफलाइन माध्यम से निपटाए जा रहे हैं। मध्य प्रदेश साइबर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (एमपीसीईआरटी) ने सरकारी वेबसाइटों की सुरक्षा को लेकर एक एडवाइजरी जारी की थी, जिसमें बताया गया था कि कई विभाग पुराने पीएचपी वर्जन और फ्रेमवर्क पर चल रहे हैं। इनमें सुरक्षा संबंधी खामियां हैं, जिनका फायदा उठाकर हैकर सिस्टम में सेंध लगा सकते हैं। इस एडवाइजरी के बाद, संभावित साइबर हमले और डेटा की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए संबंधित वेबसाइटों को एहतियातन बंद करने का फैसला लिया गया। फिलहाल किसी सफल साइबर हमले या डेटा चोरी की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जेल से लेकर ऊर्जा विभाग तक के कामकाज पर इसका असर पड़ा है। गवर्नमेंट प्रेस, जेल विभाग, राजस्व विभाग, ऊर्जा विभाग, उद्योग विभाग और सहकारिता विभाग जैसे प्रमुख विभाग प्रभावित हुए हैं। इनके अलावा, 30 से अधिक अन्य सरकारी पोर्टल भी प्रभावित बताए जा रहे हैं, जिससे आम नागरिकों और हितग्राहियों को ऑनलाइन सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। सुरक्षा खामियों को दूर करने के लिए संबंधित विभागों के तकनीकी विशेषज्ञ और एमपीसीईआरटी की टीम मिलकर काम कर रही है। वेबसाइटों के सॉफ्टवेयर, डेटाबेस और सर्वर को अपग्रेड किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा मानकों को दुरुस्त करने में अभी 4 से 5 दिन का समय और लग सकता है। इसके बाद ही वेबसाइटों को दोबारा शुरू किया जा सकेगा, जिसका अर्थ है कि अगले कुछ दिनों तक सरकारी विभागों की ऑनलाइन सेवाओं के लिए आम लोगों को इंतजार करना पड़ेगा। सरकारी कामकाज को डिजिटल बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, और विभागों की सेवाएं पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध कराने पर जोर है।

