मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहडोल में 9 लाख 77 हजार 696 तेंदूपत्ता संग्राहकों को 22 करोड़ 89 लाख बोनस राशि बांटी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शहडोल संभाग मुख्यालय में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में वर्ष 2024 के लिए तेंदूपत्ता संग्रहण करने वाले 9.77 लाख से अधिक संग्राहकों को 22.89 करोड़ रुपये के बोनस का वितरण किया। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहण लाखों वनवासी परिवारों की आजीविका का प्रमुख साधन है और राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि मेहनतकश परिवारों को उनके हक का पूरा लाभ समय पर मिले। इस कार्यक्रम में शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सतना और सीधी जिलों की छह जिला वनोपज सहकारी यूनियनों के हजारों तेंदूपत्ता एवं अन्य वनोपज संग्राहकों ने भाग लिया। उन्होंने शहडोल में नवनिर्मित वन मंडलाधिकारी कार्यालय का भी लोकार्पण किया, जिसकी लागत 22.14 करोड़ रुपये थी। मुख्यमंत्री ने विभिन्न शासकीय योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को लाभ भी वितरित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा करते हुए कहा कि शहडोल में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त एक इंडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, हाथियों के उत्पात से क्षतिग्रस्त हुए घरों की जगह लोगों को पक्के मकान बनाकर दिए जाएंगे। जयसिंहनगर विधानसभा क्षेत्र में गोहपारू से रीवा-सतना मार्ग तक सड़क का निर्माण कराया जाएगा। साथ ही, शहडोल में निजी सहभागिता से एक नई यूनिवर्सिटी भी खोली जाएगी। उन्होंने कहा कि बोनस और लाभांश के रूप में दी गई यह राशि ग्रामीण और वन क्षेत्रों के परिवारों की आर्थिक मजबूती में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि उनकी सरकार वनवासियों के सम्मान, उनकी आत्मनिर्भरता और समग्र कल्याण के लिए लगातार प्रयासरत है। मुख्यमंत्री ने शहडोल में को-एजुकेशन महाविद्यालय खोले जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में विद्यार्थियों की आवश्यकताओं के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी और आगामी शैक्षणिक सत्र में एक नया प्राइवेट विश्वविद्यालय भी स्थापित किया जाएगा। यह कदम उच्च शिक्षा के विस्तार के उद्देश्य से उठाया जा रहा है, ताकि स्थानीय विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र में ही बेहतर शैक्षणिक अवसर मिल सकें। मुख्यमंत्री ने शहडोल जिले के फुटबॉल के लिए प्रसिद्ध गांव विचारपुर में 5.10 करोड़ रुपये की लागत से आवश्यक अधोसंरचना कार्यों के निर्माण की भी घोषणा की, जिससे विभिन्न खेलों के खिलाड़ियों को सभी सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी गरीब परिवारों को पक्के मकान बनाकर दिए जा रहे हैं और पट्टा-पावती वाली भू-संपत्तिधारकों को सरकार पट्टे की पक्की रजिस्ट्री कराकर उन्हें नि:शुल्क उपलब्ध करा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि शहडोल में जल्द ही लौह अयस्क संयंत्र (स्टील फैक्ट्री) खुलने वाला है, जिससे 4000 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार भविष्य में शहडोल में फारेस्ट ज़ू एंड रेस्क्यू सेंटर भी बनाएगी। उन्होंने धान उत्पादक किसानों के हित में पंजीकरण पोर्टल को फिर से खोलने की जानकारी दी, जिन्होंने अभी तक फसल बेचने के लिए अपना पंजीकरण नहीं कराया है। मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि उमरिया जिले में जीर्ण-शीर्ण हो चुके एक आवागमन मार्ग पर एमपीआरडीसी द्वारा एक नई सड़क बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों की सहायता करने के लिए नागरिकों को प्रेरित किया और कहा कि दुर्घटना में घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुंचाना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि संबंधित योजना के अंतर्गत घायल व्यक्ति के उपचार के लिए डेढ़ लाख रुपये तक की सहायता और घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले मददगार को 25 हजार रुपये देने की व्यवस्था का उल्लेख किया। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न विभागों में भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में 85 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की गई है और आगामी समय में एक लाख नई भर्तियां करने की दिशा में कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय अंचलों में शिक्षा, आवास, सड़क, पेयजल, खेल और रोजगार की सुविधाओं के विस्तार को प्रदेश सरकार की प्राथमिकता बताया। विभाग द्वारा स्वामित्व योजना के तहत हितग्राहियों को लाभान्वित भी किया गया।
