उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की तैयारियों ने अब तेज़ी पकड़ ली है। सड़क चौड़ीकरण का कार्य विभिन्न समुदायों की भागीदारी के साथ किया जा रहा है। यह विकास किसी एक धर्म या समुदाय का नहीं, बल्कि पूरे उज्जैन की आवश्यकता है। इस कार्य का उद्देश्य धार्मिक स्थलों को निशाना बनाना नहीं, बल्कि आने वाले विशाल जनसमूह के अनुरूप शहर की आधारभूत संरचना को तैयार करना है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने पैतृक घर के प्रभावित हिस्से को तोड़ने की शुरुआत की। उन्होंने इस प्रक्रिया को विधि-विधान से पूजन करने के बाद अपने हाथ से गैंती चलाकर प्रारंभ किया। यह कदम एक स्पष्ट संदेश देता है कि विकास की राह में सबसे पहले अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी। सड़क चौड़ीकरण की प्रक्रिया में 270 से ज्यादा भवन प्रभावित हो रहे हैं। जिन स्थानों पर सड़क के लिए अतिरिक्त जगह की आवश्यकता है, वहां प्रभावित हिस्सों को हटाने की प्रक्रिया चल रही है। इस कार्य में विभिन्न समाजों की ओर से सहयोग सामने आया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि विकास को लेकर सभी समुदाय एकजुट हैं। सिंहस्थ के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए बेहतर सड़कें, सुगम यातायात और सुरक्षित आवागमन आवश्यक होंगे। प्रशासन और शहर काजी सहित मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों के बीच प्रभावित हिस्से को हटाने को लेकर सहमति बनी थी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की गई। मुख्यमंत्री के पैतृक घर से विकास में सहभागिता का यह संदेश पूरे उज्जैन को एक नई दिशा दिखाता है। यह केवल सड़क चौड़ीकरण की कहानी नहीं है, बल्कि एक साझा सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक है।
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सिंहस्थ-2028 में हर समाज का योगदान
29 सितंबर 2026 को 10:59 pm बजे
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