दमोह कोतवाली पुलिस ने बुधवार देर रात पथरिया फाटक ओवरब्रिज के पास एक स्कॉर्पियो से 18 पेटी अवैध शराब जब्त की। पुलिस के अनुसार, यह शराब उत्तर प्रदेश पासिंग कार में ले जाई जा रही थी, जिसकी कीमत 5.90 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस ने जब कार को रोकने की कोशिश की तो चालक गाड़ी छोड़कर फरार हो गया
दमोह कोतवाली पुलिस ने पथरिया फाटक ओवरब्रिज के पास एक स्कॉर्पियो से 18 पेटी अवैध शराब जब्त की। यह कार्रवाई बुधवार देर रात हुई, जिसकी जानकारी गुरुवार शाम को दमोह सीएसपी एचआर पांडे ने दी। सीएसपी पांडे के अनुसार, कोतवाली टीआई मनीष कुमार को बुधवार रात एक मुखबिर से सूचना मिली थी। मुखबिर ने बताया कि उत्तर प्रदेश पासिंग कार, जिसका नंबर यूपी 14 बीसी 0262 है, पथरिया फाटक ओवरब्रिज से गुजर रही है और उसमें अवैध शराब भरी हुई है। सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया गया और एक पुलिस टीम को ओवरब्रिज पर घेराबंदी के लिए भेजा गया। पुलिस ने स्कॉर्पियो को रोकने का इशारा किया, लेकिन चालक ने पुलिस को दूर से ही देख लिया और तेजी से गाड़ी भगाकर फरार हो गया। पुलिस ने पीछा करने के बजाय गाड़ी को रोककर उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान पुलिस को स्कॉर्पियो के अंदर से 18 पेटी अवैध शराब बरामद हुई। जब्त की गई शराब की अनुमानित कीमत 5 लाख 90 हजार रुपए बताई गई है। पुलिस ने तत्काल आबकारी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल, पुलिस स्कॉर्पियो के चालक की तलाश कर रही है, जो घटना के बाद से फरार है। इसके साथ ही, पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह शराब किसकी है, इसे कहां से लाया जा रहा था और इसे किस गंतव्य तक पहुंचाया जाना था। आरोपियों का सुराग लगाने के लिए पुलिस ने वाहन मालिक की जानकारी जुटाने के लिए आरटीओ विभाग से संपर्क किया है। वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर मालिक का पता लगाया जाएगा, जिससे मामले की आगे की जांच में मदद मिल सके। यह मामला अवैध शराब तस्करी के एक बड़े नेटवर्क की ओर इशारा कर सकता है, जो प्रदेश की सीमाओं से होकर संचालित हो रहा है। पुलिस इस दिशा में भी जांच कर रही है कि क्या इस घटना का संबंध किसी बड़े रैकेट से है। दमोह जिले में अवैध शराब के खिलाफ पुलिस की यह एक महत्वपूर्ण कार्रवाई है। इस तरह की कार्रवाइयों से न केवल अवैध व्यापार पर अंकुश लगता है, बल्कि यह भी सुनिश्चित होता है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था बनी रहे। पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने इलाकों में अवैध शराब के कारोबार पर कड़ी नजर रखें और ऐसी किसी भी गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई करें। मुखबिरों को सक्रिय करने और सूचना तंत्र को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है। इस मामले में जब्त की गई शराब की मात्रा और उसकी कीमत यह दर्शाती है कि तस्करी का यह धंधा कितना बड़ा हो सकता है। पुलिस अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि इस खेप का अंतिम गंतव्य क्या था और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं। पुलिस ने जब्त की गई स्कॉर्पियो को भी कब्जे में ले लिया है और उसकी भी बारीकी से जांच की जा रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि क्या इस गाड़ी का इस्तेमाल पहले भी इस तरह के अवैध कामों में किया गया है। आबकारी विभाग के अधिकारियों को भी इस मामले की सूचना दे दी गई है और उनके साथ मिलकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अवैध शराब के कारोबार में संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, यह पुलिस का कहना है। यह घटना दर्शाती है कि किस प्रकार अपराधी नए-नए तरीकों से अवैध गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। ओवरब्रिज जैसे सुनसान इलाकों का इस्तेमाल ऐसे अपराधों के लिए किया जा रहा है, जहां वे आसानी से पुलिस से बच सकें। पुलिस की तत्परता और मुखबिर की सटीक सूचना के कारण यह बड़ी खेप पकड़ी जा सकी। यदि चालक पुलिस को चकमा देने में सफल हो जाता, तो यह शराब बाजार में पहुंच सकती थी, जिससे गंभीर सामाजिक समस्याएं उत्पन्न हो सकती थीं। दमोह पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए न केवल शराब जब्त की, बल्कि आरोपी को पकड़ने के लिए भी जाल बिछा दिया है। उम्मीद है कि जल्द ही इस रैकेट का पर्दाफाश होगा और इसमें शामिल अन्य लोग भी पकड़े जाएंगे। पुलिस ने कार की तलाशी ली तो उसमें 18 पेटी शराब मिली। खासकर, अवैध शराब के कारोबार पर लगाम लगाना एक बड़ी चुनौती है, जिस पर पुलिस लगातार काम कर रही है। पुलिस ने जनता से भी अपील की है कि वे ऐसे अवैध कारोबारों की सूचना पुलिस को दें ताकि उन पर कार्रवाई की जा सके। नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से ही ऐसे अपराधों पर नियंत्रण पाया जा सकता है। इस घटना के बाद, पुलिस ने जिले की सीमाओं पर भी चौकसी बढ़ा दी है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं से भी अवैध शराब की खेप जिले में प्रवेश न कर सके। नाकेबंदी और चेकिंग अभियान तेज किए गए हैं। पुलिस द्वारा की गई यह कार्रवाई सराहनीय है और यह साबित करती है कि जब पुलिस और जनता मिलकर काम करते हैं, तो अपराधों पर अंकुश लगाना संभव है। आगे की जांच जारी है और जल्द ही इस मामले में और खुलासे होने की उम्मीद है।
