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वित्त विभाग ने दिसंबर में होने वाले शीतकालीन सत्र के लिए चालू वित्त वर्ष के दूसरे अनुपूरक बजट के प्रस्ताव 22 अक्टूबर तक ऑनलाइन भेजने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसे नए मदों के प्रस्ताव शामिल नहीं किए जा सकेंगे, जिनसे राज्य के वित्तीय संसाधनों पर अतिरिक्त भार पड़ेगा। विभागों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वाहन खरीद के प्रस्ताव अनुपूरक बजट में शामिल नहीं किए जाएंगे। चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक चार कारें खरीदी गई हैं, जो पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में खरीदी गई 27 कारों की तुलना में कम हैं। इसके बावजूद, नई कारों की खरीद के बीच दोनों उपमुख्यमंत्रियों के प्रस्तावों को वित्तीय संकट का हवाला देकर खारिज कर दिया गया। इस बीच, महाराष्ट्र सरकार ने वीवीआईपी और राज्य अतिथियों की सुरक्षा व परिवहन व्यवस्था के लिए 12.68 करोड़ रुपए की 44 नई गाड़ियां खरीदने को मंजूरी दी है। इनमें 4.08 करोड़ रुपए की बुलेटप्रूफ टोयोटा लैंड क्रूजर 300 शामिल है, जिसे मुंबई में तैनात किया जाएगा।
मध्य प्रदेश सरकार ने वित्तीय संकट का हवाला देते हुए दोनों उपमुख्यमंत्रियों, जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल, के सरकारी वाहनों को बदलने के प्रस्तावों को लौटा दिया है। दोनों नेताओं के वाहन तय सीमा से अधिक चल चुके हैं, फिर भी वित्त विभाग ने पुरानी गाड़ियों की मरम्मत कराकर चलाने की सलाह दी है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब इसी साल मुख्यमंत्री मोहन यादव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह और गृह सचिव कृष्णा वेणी के लिए नई इनोवा क्रिस्टा गाड़ियां खरीदी गई हैं। इस विरोधाभासी निर्णय ने सरकारी खर्चों पर नियंत्रण के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब प्रदेश सरकार ने करीब तीन महीने पहले ही वित्तीय स्थिति को देखते हुए खर्चों पर नियंत्रण के कड़े निर्देश जारी किए थे। इन निर्देशों में अधिकारियों के विदेश दौरे, महंगे होटलों में बैठकें और अन्य अनावश्यक खर्चों पर प्रतिबंध शामिल थे। सामान्य प्रशासन विभाग ने विभागों को यथासंभव वर्चुअल बैठकें करने और जिलों के अधिकारियों को भोपाल न बुलाने का निर्देश दिया था। यहां तक कि मंत्रियों के काफिले में वाहनों की संख्या कम करने की भी सलाह दी गई थी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्वयं अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या घटाकर सात रखने का निर्णय लिया था। इन निर्देशों के बावजूद, चालू वित्तीय वर्ष में मुख्यमंत्री, दो मंत्रियों और गृह सचिव के लिए नई कारें खरीदी गईं। दोनों उपमुख्यमंत्रियों की गाड़ियां यह सीमा पार कर चुकी हैं।
इन गाड़ियों का इस्तेमाल राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों, दूसरे राज्यों के मुख्यमंत्रियों और विदेशी मेहमानों के दौरों के दौरान किया जाएगा। उनकी नई कार की रेंज 500 किमी है।
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