सीहोर जिले के पास स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल कुबेरेश्वरधाम में इस बार भी दीपावली का पर्व अपार आस्था, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के मार्गदर्शन में विठलेश सेवा समिति और श्रद्धालुओं ने दीप पर्व की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। पांच दिवसीय दीपोत्सव की शुरुआत शुक्रवार को धनतेरस पर भगवान के विशेष श्रृंगार के साथ होगी। इसके बाद शनिवार को रूप चौदस (छोटी दीपावली), रविवार को महालक्ष्मी व कुबेर पूजा, सोमवार को गोवर्धन पूजा और अंत में भाईदूज का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर हजारों आकर्षक और पारंपरिक मिट्टी के दीपों की रोशनी से जगमगा उठेगा। दीपोत्सव के विशेष अनुष्ठानों की श्रृंखला में आगामी 8 नवंबर को कुबेरेश्वरधाम में बाबा कुबेर भंडारी का विशेष अभिषेक-पूजन, खजाना पूजन और कई अन्य धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे। मिट्टी की कला और पारंपरिक दीपों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पंडित प्रदीप मिश्रा की प्रेरणा से हर साल हजारों श्रद्धालु धाम पहुंचकर दीप प्रज्वलित करते हैं। यह आयोजन न केवल पारंपरिक कलाओं को संरक्षित करता है बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देता है। विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित ने बताया कि दीपावली पर्व के अवसर पर धाम में भव्य अन्नकूट महोत्सव का भी आयोजन किया जाएगा। सनातन परंपरा के अनुसार, इस अवसर पर भगवान को विभिन्न प्रकार के व्यंजनों व पकवानों का भोग अर्पित किया जाएगा। अन्नकूट के दौरान भगवान के समक्ष व्यंजनों से आकर्षक आकृतियां सजाई जाएंगी, जो भक्तों के लिए एक विशेष आकर्षण का केंद्र होंगी। यह परंपरा भगवान के प्रति श्रद्धा और आभार व्यक्त करने का एक माध्यम है। कार्तिक मास के चलते कुबेरेश्वरधाम में प्रतिदिन भारी संख्या में श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए पहुंच रहे हैं। आने वाले भक्तों की सुविधा के लिए विठलेश सेवा समिति के पंडित विनय मिश्रा, पंडित समीर शुक्ला सहित समिति के सदस्यों द्वारा विशाल भोजनशाला के माध्यम से निरंतर नि:शुल्क भोजन प्रसादी का वितरण किया जा रहा है। यह सेवा भाव भक्तों को घर जैसा अनुभव कराता है और उनकी यात्रा को सुगम बनाता है। दीपावली और अन्नकूट महोत्सव के दौरान भी आने वाले भक्तों के लिए सुरक्षा, दर्शन और भोजन प्रसादी की व्यापक व्यवस्था की गई है। समिति ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त स्वयंसेवकों की तैनाती की है। मंदिर परिसर में साफ-सफाई और प्रकाश व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि भक्त निर्बाध रूप से अपने धार्मिक अनुष्ठानों को पूरा कर सकें। कुबेरेश्वरधाम में दीपावली का उत्सव केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का भी प्रतीक है। हजारों दीपों से जगमगाता परिसर एक अलौकिक छटा बिखेरता है, जो श्रद्धालुओं के मन में असीम शांति और आनंद का संचार करता है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का भी संदेश देता है। पंडित प्रदीप मिश्रा के प्रवचनों और मार्गदर्शन में, विठलेश सेवा समिति ने कुबेरेश्वरधाम को एक ऐसे आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित किया है, जहाँ हर वर्ष लाखों श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर पहुंचते हैं।
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कुबेरेश्वरधाम में दीपावली की तैयारियां पूरी, हजारों दीयों से जगमगाएगा मंदिर
5 नवंबर 2026 को 10:58 pm बजे
कुबेरेश्वरधाम में दीपावली की तैयारियां पूरी, हजारों दीयों से जगमगाएगा मंदिर
