प्रदेश के 32 विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस के बूथ लेवल एजेंटों की नियुक्ति पूरी नहीं हो पाई है
एमपी में मतदाता सूची का पुनरीक्षण 12 नवंबर से, कांग्रेस के बूथ एजेंटों की नियुक्ति अधूरी
कांग्रेस कथित वोट चोरी के आरोपों के बीच अब मध्य प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) को लेकर सक्रिय हो गई है। यह पुनरीक्षण 12 नवंबर से शुरू होने वाला है, जिसमें नए नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन के लिए आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। इस प्रक्रिया में बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) के साथ राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। हालांकि, प्रदेश के 32 विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस हर बूथ पर अपने बीएलए नियुक्त नहीं कर पाई है, जो एक बड़ी चुनौती है। प्रदेश में कुल 230 विधानसभा सीटें हैं, जिनमें 71,930 बूथ शामिल हैं। पिछले दो वर्षों में, कांग्रेस ने चुनाव में भाजपा संगठन से मुकाबला करने के लिए अपने संगठन को मजबूत करने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। इसके तहत, उन्होंने संगठन सृजन अभियान चलाकर बूथ स्तर तक टीमें तैयार कीं। पहली बार, बीएलए की नियुक्तियों का रिकॉर्ड भी तैयार किया गया और उनके नाम व नंबर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय की वेबसाइट पर दर्ज कराए गए। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान इन बीएलए को बूथों पर सक्रिय किया गया था। लेकिन, कई जगहों से यह शिकायतें सामने आईं कि नियुक्त किए गए बीएलए सक्रिय रूप से काम नहीं कर रहे हैं। ऐसी शिकायतों के बाद निष्क्रिय बीएलए को बदला भी गया। इसके बावजूद, डिंडौरी और आलीराजपुर जैसे जिलों सहित 32 विधानसभा क्षेत्रों में बीएलए की नियुक्ति प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हो पाई है। प्रदेश कांग्रेस के मतदाता सूची संबंधी कार्यों के प्रभारी ललित सेन ने बताया कि 198 विधानसभा क्षेत्रों में नियुक्त बीएलए की सूची वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि शेष विधानसभा क्षेत्रों में एसएसआर शुरू होने से पहले बीएलए की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। संगठन महासचिव संजय कामले ने कहा कि हर बीएलए का सत्यापन किया जा रहा है। विधानसभा प्रभारियों से बीएलए के नाम, नंबर और उनके काम करने की इच्छा के संबंध में रिपोर्ट मांगी गई है। यदि कोई बीएलए काम करने का इच्छुक नहीं पाया जाता है, तो उसके स्थान पर तुरंत किसी दूसरे व्यक्ति को नियुक्त किया जाएगा। यह सुनिश्चित करने का प्रयास है कि पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान हर बूथ पर कांग्रेस का प्रतिनिधित्व हो। इस बीच, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव कुमार झा ने सभी राजनीतिक दलों से आग्रह किया है कि वे समय पर अपने बीएलए नियुक्त करें ताकि मतदाता सूची का कार्य सुचारू रूप से संपन्न हो सके।

