मध्य प्रदेश पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग स्थानों से भारी मात्रा में गांजा जब्त किया है। इस अभियान में कुल 969.335 किलोग्राम गांजे के 1,284 हरे पौधे जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत 1 करोड़ 57 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक धार सचिन शर्मा के निर्देशन में की गई, जिसका उद्देश्य प्रदेश को नशामुक्त बनाना है। धार जिले में हुई इन दो अलग-अलग कार्रवाइयों में पुलिस ने न केवल अवैध गांजा जब्त किया, बल्कि खेती में संलिप्त दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। यह पौधे कपास और तुअर की फसलों के बीच छिपाकर उगाए जा रहे थे, जिससे इनकी पहचान मुश्किल हो जाती। पुलिस ने इन अवैध खेती के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। थाना टाण्डा पुलिस ने ग्राम जाली में एक गुप्त सूचना के आधार पर दबिश दी। वहां आरोपी के कपास के खेत में गांजे के 1,134 हरे पौधे उगते पाए गए। इन पौधों का कुल वजन 518.335 किलोग्राम था और इनकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 1 करोड़ 57 लाख रुपये बताई गई। पुलिस ने तत्काल आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और थाना टाण्डा में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। इसी तरह, थाना मनावर की चौकी उमरबन पुलिस ने ग्राम करौंदिया खुर्द में एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। यहां भी आरोपी अपने खेत में कपास और तुअर की फसल के बीच गांजे की खेती कर रहा था। पुलिस ने यहां से गांजे के 150 हरे पौधे जब्त किए, जिनका कुल वजन 451 किलोग्राम था। इन पौधों की अनुमानित कीमत 54 लाख 12 हजार रुपये आंकी गई है। पुलिस ने करौंदिया खुर्द के आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत वैधानिक कार्रवाई की है। यह दोनों गिरफ्तारियां धार जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती और तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा हैं। मध्य प्रदेश पुलिस प्रदेश को नशामुक्त बनाने के अपने लक्ष्य की दिशा में लगातार प्रयासरत है। मादक पदार्थों की अवैध खेती, उत्पादन, तस्करी और वितरण से जुड़े नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए पुलिस द्वारा निरंतर कार्रवाई की जा रही है। यह अभियान केवल मादक पदार्थों की जप्ती तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इनके स्रोत, सप्लाई चेन और इसमें शामिल व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने पर भी केंद्रित है। पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा ने इस कार्रवाई पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। उनका कहना है कि प्रदेश में नशे के कारोबार को किसी भी सूरत में पनपने नहीं दिया जाएगा और जो भी इसमें संलिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होगी। पुलिस का यह प्रयास युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और प्रदेश के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। अवैध गांजा खेती के खिलाफ यह कार्रवाई धार जिले में नशे के खिलाफ चल रहे व्यापक अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। पुलिस ने इस मामले में जब्त किए गए पौधों के अलावा, भविष्य में ऐसी गतिविधियों को रोकने के लिए भी कई कदम उठाए हैं। इसमें ग्रामीणों को जागरूक करना और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना भी शामिल है। थाना टाण्डा की कार्रवाई में जब्त किए गए 1,134 पौधों का वजन 518.335 किलोग्राम था, जिसकी कीमत लगभग 1 करोड़ 57 लाख रुपये आंकी गई। यह दर्शाता है कि अवैध खेती कितनी बड़े पैमाने पर की जा रही थी। पुलिस ने समय रहते इस पर अंकुश लगा दिया, जिससे एक बड़ी खेप जब्त होने से बच गई। वहीं, थाना मनावर की चौकी उमरबन की कार्रवाई में 150 पौधे जब्त किए गए, जिनका वजन 451 किलोग्राम था। इनकी अनुमानित कीमत 54 लाख 12 हजार रुपये बताई गई। इन दोनों कार्रवाइयों से यह स्पष्ट होता है कि जिले में मादक पदार्थों के अवैध उत्पादन और व्यापार को रोकने के लिए पुलिस कितनी सक्रियता से काम कर रही है। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि उनके गिरोह के अन्य सदस्यों और सप्लाई नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाई जा सके। पुलिस का मानना है कि यह कार्रवाई केवल एक शुरुआत है और आने वाले समय में ऐसे और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। नशे के इस अवैध धंधे में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन ने इस बात पर जोर दिया है कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज की भागीदारी भी अत्यंत आवश्यक है। लोगों को आगे आकर ऐसी गतिविधियों की सूचना पुलिस को देनी चाहिए ताकि समय रहते इन पर कार्रवाई की जा सके। प्रदेश को नशामुक्त बनाने का यह संकल्प सामूहिक प्रयासों से ही पूरा हो सकता है। गांजे की खेती अक्सर दुर्गम या ग्रामीण इलाकों में की जाती है, जहां फसलों के बीच इसे छिपाना आसान होता है। पुलिस द्वारा अपनाई जा रही मुखबिर प्रणाली और तकनीकी निगरानी इन छिपी हुई खेती का पता लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। 'ऑपरेशन प्रहार' इसी दिशा में एक प्रभावी कदम साबित हुआ है। इन कार्रवाइयों के माध्यम से न केवल अवैध मादक पदार्थों की आपूर्ति बाधित होती है, बल्कि यह उन लोगों के लिए एक कड़ा संदेश भी है जो इस तरह के अवैध कारोबार में लिप्त हैं। मध्य प्रदेश पुलिस का यह संकल्प है कि प्रदेश को नशामुक्त राज्य बनाया जाए, और इस दिशा में वह अपने प्रयासों को और तेज करेगी।
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धार पुलिस के 'ऑपरेशन प्रहार' में बड़ी कार्रवाई: 969.335 किलो गांजा, 1284 हरे पौधे जब्त
5 नवंबर 2026 को 10:58 pm बजे
धार पुलिस के 'ऑपरेशन प्रहार' में बड़ी कार्रवाई: 969.335 किलो गांजा, 1284 हरे पौधे जब्त
