मध्य प्रदेश के क्रेशर संचालकों और खनन कारोबारियों ने 12 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। इस चेतावनी से प्रदेश में फ्लाईओवर, मेट्रो और सडक़ निर्माण जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स के साथ सरकारी व निजी निर्माण कार्यों के लिए आवश्यक रेत, गिट्टी और मुरम की आपूर्ति प्रभावित होने का संकट मंडरा रहा है। यह हड़ताल खनिज विभाग की चालानी कार्रवाई के विरोध में बुलाई गई है। कारोबारियों का आरोप है कि खनिज परिवहन की निगरानी के लिए लगाए गए कैमरों में तकनीकी खामियों के कारण गलत वाहनों के नंबर दर्ज हो रहे हैं। इससे दूसरे वाहन मालिकों को लाखों रुपये के जुर्माने के नोटिस भेजे जा रहे हैं। कुछ नोटिस ऐसे वाहनों के नाम पर भी जारी हुए हैं जो मौके पर खाली थे। उन्होंने बताया कि पुरानी व्यवस्था में नंबर प्लेट बदलकर गड़बड़ी की जाती थी, जिससे वास्तविक वाहन मालिक को चालान मिल जाता था। कई मामलों में जुर्माने की राशि वाहन की कीमत के बराबर पहुंच रही है। साथ ही, उल्लंघन के करीब छह महीने बाद नोटिस मिलने से वाहन मालिक के लिए यह पता लगाना भी मुश्किल हो जाता है कि वाहन उस दिन कहां था। हालांकि, कारोबारियों ने सरकार की नई टैगिंग व्यवस्था का विरोध नहीं किया है, क्योंकि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी।
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निर्माण सामग्री की आपूर्ति बाधित होने की आशंका, क्रेशर संचालकों ने दी हड़ताल की चेतावनी
5 नवंबर 2026 को 10:58 pm बजे
