मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की एकलपीठ ने नरसिंहपुर दुष्कर्म मामले में दोषसिद्ध आरोपी योगेश मिश्रा को बड़ी राहत दी है। न्यायालय ने उसकी शेष जेल सजा को निलंबित करते हुए जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए हैं। यह फैसला तब आया जब राज्य सरकार ने डीएनए रिपोर्ट पॉजिटिव होने का हवाला देते हुए जमानत का विरोध किया था। इसके बावजूद, एकलपीठ ने मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए आरोपी की सजा निलंबन याचिका स्वीकार कर ली। यह मामला नरसिंहपुर के द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत द्वारा सत्र प्रकरण में 16 जून 2026 को दिए गए दोषसिद्धि के फैसले से संबंधित है। आरोपी योगेश मिश्रा ने इस फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील दायर की थी, जिसे न्यायालय ने सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। न्यायालय ने प्रकरण को नियमानुसार सूचीबद्ध करने के निर्देश भी दिए हैं। सुनवाई के दौरान, नरसिंहपुर के ग्राम भैंसा निवासी आरोपी योगेश मिश्रा के अधिवक्ता प्रखर त्रिवेदी ने दलील दी कि शिकायतकर्ता महिला की उम्र लगभग 45 वर्ष है, जबकि आरोपी की उम्र लगभग 37 वर्ष है। बचाव पक्ष ने यह भी तर्क दिया कि महिला की सहमति से संबंध बने थे। उन्होंने बताया कि कथित घटना के समय आरोपी दोपहर करीब 2 बजे महिला के घर पहुंचा था, जब घर में उसकी सास और देवर भी मौजूद थे, लेकिन महिला ने कोई शोर नहीं मचाया। बचाव पक्ष ने अपनी दलील में आगे कहा कि आरोपी करीब 20 मिनट तक घर में रहा और उसके जाने के बाद भी महिला ने तत्काल किसी को घटना की जानकारी नहीं दी। एफआईआर दर्ज कराने में हुई देरी को भी जमानत का आधार बनाया गया। दूसरी ओर, राज्य सरकार की ओर से डिप्टी गवर्नमेंट एडवोकेट विजय कुमार पांडे ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि डीएनए रिपोर्ट अभियोजन पक्ष के मामले का समर्थन करती है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, एकलपीठ ने मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी किए बिना आरोपी की सजा निलंबन की अर्जी स्वीकार कर ली। न्यायालय ने निर्देश दिया कि आरोपी पूरी जुर्माना राशि जमा करने के बाद 50 हजार रुपए का व्यक्तिगत मुचलका और इतनी ही राशि की सक्षम जमानत प्रस्तुत करे। इसके बाद आरोपी की शेष जेल सजा निलंबित रहेगी और उसे जमानत पर रिहा किया जाएगा। न्यायालय ने आरोपी को 19 दिसंबर 2026 को संबंधित ट्रायल कोर्ट में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। इसके अतिरिक्त, अपील के अंतिम निराकरण तक उसे ट्रायल कोर्ट द्वारा निर्धारित प्रत्येक तारीख पर अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी।
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दुष्कर्म दोषी की सजा निलंबित, जमानत पर रिहाई
6 नवंबर 2026 को 11:08 pm बजे
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