मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार, प्रदेश में जनप्रतिनिधियों द्वारा चयनित ग्रामों में स्वामित्व योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों के दस्तावेजों का पंजीयन शत-प्रतिशत पूर्ण कराने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत सीहोर जिले में भी पंजीयन कार्य को प्राथमिकता दी जा रही है
कलेक्टर बालागुरू के. ने आष्टा विकासखंड के जावर और ग्वाला गांवों में स्वामित्व योजना के तहत हितग्राहियों के दस्तावेजों के पंजीयन कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने पंजीयन प्रक्रिया की प्रगति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों से कार्य की स्थिति की जानकारी प्राप्त की। धनतेरस के शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार, प्रदेश में जनप्रतिनिधियों द्वारा चयनित ग्रामों में स्वामित्व योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों के दस्तावेजों का पंजीयन शत-प्रतिशत पूर्ण कराने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में सीहोर जिले में भी निर्धारित ग्रामों में पंजीयन कार्य को प्राथमिकता दी जा रही है। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी पात्र हितग्राहियों के दस्तावेजों का पंजीयन निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि कोई भी पात्र हितग्राही योजना के लाभ से वंचित न रहे और पंजीयन प्रक्रिया में कोई अनावश्यक परेशानी न हो। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय से कार्य करते हुए पंजीयन की शेष प्रक्रिया शीघ्र पूरी कराने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक हितग्राहियों को स्वामित्व योजना का लाभ मिल सके और उन्हें उनकी संपत्ति के अधिकार संबंधी दस्तावेज उपलब्ध कराए जा सकें। इस वर्ष जिले में औसत से कम वर्षा हुई है। इसे देखते हुए सभी नागरिकों को पानी का मितव्ययी उपयोग करना होगा। जल संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं, ताकि उपलब्ध जल का उपयोग लंबे समय तक किया जा सके। कलेक्टर बालागुरू के. ने विशेष रूप से किसानों से आग्रह किया कि वे कम पानी में तैयार होने वाली फसलों की खेती को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि खेती में जल का विवेकपूर्ण उपयोग अपनाकर भविष्य में पानी की कमी की स्थिति से बचा जा सकता है। उन्होंने नागरिकों और किसानों से जल संरक्षण के प्रति जागरूक रहने तथा पानी की प्रत्येक बूंद का सदुपयोग करने की अपील की। कलेक्टर बालागुरू के. ने आष्टा विकासखंड के जावर में नागरिकों से संवाद कर वर्षा और जल उपलब्धता की स्थिति पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि जिले में इस वर्ष वर्षा की स्थिति चिंताजनक है, जिसके चलते जल स्रोतों में पानी की कमी देखी जा रही है।
