कलेक्टर ने जारी किए निर्देश, बैठकों से पहले जनप्रतिनिधियों से चर्चा अनिवार्य होगी
पूर्व वित्तमंत्री और दमोह विधायक जयंत कुमार मलैया के पत्र को संज्ञान में लेते हुए कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने जिले के सभी कार्यालय प्रमुखों को महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। कलेक्टर ने कहा है कि शासन स्तर पर संचालित योजनाओं की अद्यतन स्थिति, उनकी प्रगति और बैठकों से संबंधित जानकारी समय-समय पर प्रदान की जानी चाहिए। यह सुनिश्चित करने के लिए कि जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति बैठकों में सुनिश्चित हो सके, बैठकें आयोजित करने से पहले संबंधित जनप्रतिनिधियों से उनकी सुविधानुसार तिथि पर चर्चा की जानी चाहिए। कलेक्टर यादव ने यह निर्देश पूर्व वित्तमंत्री जयंत कुमार मलैया द्वारा लिखे गए पत्र के जवाब में दिए हैं। विधायक मलैया ने अपने पत्र में बताया था कि अक्सर यह देखा जाता है कि जब भी कोई नियमित बैठक या शासन की नई योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु बैठकें आयोजित की जाती हैं, तो संबंधित अधिकारी अपनी सुविधानुसार बैठक की तिथि तय कर लेते हैं। इस स्थिति में, स्थानीय जनप्रतिनिधि निर्धारित तिथि पर उपस्थित नहीं हो पाते, जिसके कारण बैठकें रद्द हो जाती हैं। विधायक मलैया ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि कुछ विभागों में शासन स्तर द्वारा संचालित योजनाओं की वर्तमान स्थिति से संबंधित अधिकारियों को अवगत भी नहीं कराया जाता है। उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसे विभागों को भी संचालित योजनाओं की प्रगति की जानकारी देने के लिए नियमित रूप से बैठकें आयोजित करने का निर्देश दिया जाना चाहिए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजनाओं का क्रियान्वयन सुचारू रूप से हो और सभी संबंधित पक्षों को जानकारी रहे। कलेक्टर यादव ने पत्र का संज्ञान लेते हुए सभी कार्यालय प्रमुखों को निर्देशित किया है कि वे योजनाओं की प्रगति और स्थिति पर निरंतर नजर रखें। उन्होंने जोर देकर कहा कि बैठकों का निर्धारण स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सुविधा को ध्यान में रखकर ही किया जाए। योजनाओं की अद्यतन जानकारी देने में किसी भी तरह की देरी या चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

