सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सोम डिस्टिलरीज प्राइवेट लिमिटेड को बड़ी राहत दी है। शीर्ष अदालत ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखा है, जिसमें कंपनी के शराब निर्माण लाइसेंसों के नवीनीकरण का निर्देश दिया गया था। इस फैसले से कंपनी को बड़ी राहत मिली है और उसके शराब निर्माण लाइसेंस कायम रहेंगे। राज्य सरकार की ओर से कंपनी पर लगाया गया एक लाख रुपए का जुर्माना भी शीर्ष अदालत ने निरस्त कर दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने सुनाया। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पहले कंपनी को संचालन बंद रहने की अवधि में हुए नुकसान की भरपाई के लिए उचित मंच पर हर्जाने का दावा करने का अधिकार दिया था। सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने इन निर्देशों को रद्द कर दिया है। यह निर्णय कंपनी के लिए एक बड़ी जीत है, क्योंकि इसके शराब निर्माण लाइसेंस अब सुरक्षित हैं। इससे कंपनी को अपने संचालन को सुचारू रूप से जारी रखने में मदद मिलेगी। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला कंपनी के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है। लाइसेंसों की बहाली से सोम डिस्टिलरीज उत्पादन जारी रख सकेगी और बाजार में अपनी स्थिति मजबूत कर सकेगी। नंदिनी परसाई द्वारा 28 अक्टूबर 2026 को दी गई जानकारी के अनुसार, यह मामला कंपनी के संचालन और उसके लाइसेंसों से जुड़ा था। कोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा लगाए गए जुर्माने को भी हटा दिया है, जिससे कंपनी को वित्तीय बोझ से भी मुक्ति मिली है।
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सुप्रीम कोर्ट ने सोम डिस्टिलरीज के लाइसेंस नवीनीकरण का आदेश बरकरार रखा
28 अक्टूबर 2026 को 10:17 pm बजे
