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मध्य प्रदेश विधानसभा को पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इसी कड़ी में, 28 अक्टूबर से विधायकों के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ है। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य विधायकों को नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन (नेव) का प्रभावी ढंग से उपयोग सिखाना है, ताकि वे ऑनलाइन विधायी कामकाज में पारंगत हो सकें। यह पहल विधानसभा की कार्यप्रणाली को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और इसे अधिक कुशल बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है। कार्यक्रम का उद्घाटन विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने किया, जिन्होंने इस डिजिटल परिवर्तन के महत्व पर प्रकाश डाला। नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो विधानसभा की संपूर्ण कार्यप्रणाली को ऑनलाइन करने में सहायता करता है। इस एप्लीकेशन के माध्यम से विधायकों को सदन में पूछे जाने वाले प्रश्न, उनके उत्तर और अन्य महत्वपूर्ण विधायी दस्तावेज डिजिटल रूप में उपलब्ध कराए जाएंगे। यह नेव अप्प्लिचतिओन और डिजिटल विधायी असेंबली से जुड़े विषयों को एक साथ लाने का एक प्रयास है। तीन दिवसीय इस गहन प्रशिक्षण में, विधायकों को नेव अप्प्लिचतिओन को चलाने, ऑनलाइन प्रश्नों और उत्तरों को देखने, तथा डिजिटल विधायी कामकाज से संबंधित विभिन्न जानकारियों से अवगत कराया जाएगा। इस पूरे कार्यक्रम का मूल उद्देश्य विधानसभा के संचालन में कागजों पर निर्भरता को कम करना और तकनीक के माध्यम से कार्य को अधिक सुगम और पारदर्शी बनाना है।
यह प्रशिक्षण मध्य प्रदेश की विधानसभा को राष्ट्रीय स्तर पर 'एक राष्ट्र, एक एप्लीकेशन' की अवधारणा के अनुरूप आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। प्रशिक्षण को अधिक प्रभावी बनाने के लिए, विधायकों को पांच अलग-अलग बैचों में विभाजित करने की योजना बनाई गई है। प्रत्येक बैच में 50 विधायकों को शामिल किया जाएगा। इस व्यवस्था से यह सुनिश्चित होगा कि प्रत्येक विधायक को एप्लीकेशन की बारीकियों को समझने और उसके उपयोग का पर्याप्त अभ्यास करने का अवसर मिले। यह व्यक्तिगत ध्यान प्रशिक्षण की गुणवत्ता को बढ़ाएगा और विधायकों को डिजिटल प्रणाली को अपनाने में मदद करेगा। डिजिटल व्यवस्था के लागू होने से मध्य प्रदेश विधानसभा के कामकाज में कागजों के उपयोग में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है। विधायकों को आवश्यक जानकारी ऑनलाइन ही उपलब्ध हो जाएगी, जिससे प्रश्नोत्तर जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं को डिजिटल माध्यम से पूरा करना कहीं अधिक आसान हो जाएगा। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि सूचनाओं का आदान-प्रदान भी तीव्र और सुव्यवस्थित होगा। इस पहल का अंतिम लक्ष्य मध्य प्रदेश विधानसभा को आधुनिक तकनीक से सुसज्जित करना और 'एक राष्ट्र, एक एप्लीकेशन' की भावना के तहत विधायी कामकाज को आगे बढ़ाना है। प्रशिक्षण के समापन के बाद, यह अपेक्षित है कि सभी विधायक नेव अप्प्लिचतिओन का आत्मविश्वास के साथ उपयोग कर सकेंगे, जिससे विधानसभा की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी। यह कदम प्रदेश को डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।
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