दिवाली पर पटाखे जलाते समय जरा सी चूक गंभीर चोट का कारण बन सकती है, ऐसे में भोपाल के स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी अस्पतालों में आपातकालीन व्यवस्थाएं कड़ी कर दी हैं। जरूरत पड़ने पर ड्यूटी पर न होने वाले डॉक्टरों को भी 15 मिनट के भीतर अस्पताल पहुंचना होगा। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने के लिए 108 एंबुलेंस सेवा की 40 गाड़ियां अलर्ट पर रहेंगी। हमीदिया, जेपी जिला अस्पताल और एम्स जैसे प्रमुख अस्पतालों में जलने, आंखों की चोटों और अन्य गंभीर मामलों के मरीजों के लिए विशेष उपचार की व्यवस्था की गई है। आतिशबाजी के धुएं से सांस लेने में तकलीफ होने वाले मरीजों के लिए भी तत्काल इलाज की पूरी तैयारी है। दिवाली के दौरान पटाखों से होने वाली दुर्घटनाओं और चोटों से निपटने के लिए अस्पतालों में डॉक्टरों की विशेष ड्यूटी लगाई गई है। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त डॉक्टरों को भी बुलाया जाएगा। आपातकालीन सर्जरी के लिए ऑपरेशन थियेटर तैयार रखे गए हैं और अस्पतालों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। पटाखों से निकलने वाले धुएं से अस्थमा और सांस की अन्य बीमारियों से पीड़ित मरीजों को परेशानी बढ़ सकती है। इसे ध्यान में रखते हुए हमीदिया और जेपी जिला अस्पताल सहित अन्य सरकारी अस्पतालों में आईसीयू, आकस्मिक चिकित्सा इकाई, मेडिसिन, शिशु रोग और श्वसन रोग विभागों की व्यवस्थाएं दुरुस्त की जा रही हैं। अस्पतालों में ऑक्सीजन सिस्टम, नेबुलाइजर और वेंटिलेटर जैसे उपकरणों की कार्यक्षमता जांची गई है। साथ ही, जरूरी दवाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित की गई है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। डॉ. मनीष शर्मा, सीएमएचओ ने बताया कि पटाखों के धुएं से सांस की बीमारियों से जूझ रहे मरीजों की तकलीफ बढ़ सकती है। मरीजों को समय पर विशेषज्ञ उपचार मिल सके, इसके लिए हमीदिया में रोजाना सांस और छाती रोगों की ओपीडी शुरू की जा रही है।
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भोपाल में दिवाली पर अलर्ट, 40 एंबुलेंस तैयार
28 अक्टूबर 2026 को 10:18 pm बजे

भोपाल में दिवाली पर अलर्ट, 40 एंबुलेंस तैयार
