छोटे दुकानदारों को तहबाजारी से छूट, अवैध शराब पर कठोर कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया है कि दीपावली के दौरान प्रदेश में कानून व्यवस्था चाक-चौबंद रहे और कोई भी असामाजिक गतिविधि न हो। उन्होंने कहा कि यह पर्व किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण है, इसलिए प्रशासनिक अमला पूरी तरह सतर्क रहे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि किसानों को खाद-उर्वरक या किसी अन्य प्रकार की कठिनाई का सामना करना पड़ता है, तो इसके लिए संबंधित जिलाधिकारी जिम्मेदार होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह बातें बुधवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहीं। उन्होंने छोटे व्यापारियों को राहत देते हुए कहा कि दीपावली पर बड़े बाजारों में फल, फूल, दीया-बाती और झालर जैसी दुकानें लगाने वाले छोटे दुकानदारों को तहबाजारी से छूट दी जाए और उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए। मुख्यमंत्री ने जिले के अधिकारियों से यह भी अपेक्षा की कि वे दीपावली के दिन छोटे बच्चों, गरीब बस्तियों, अनाथालयों और वृद्धाश्रमों में जाकर वहां के निवासियों के साथ पर्व मनाएं। यह पहल सामाजिक समरसता को बढ़ावा देगी और जरूरतमंदों को खुशी प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन से समाज के वंचित वर्गों को भी पर्व की खुशियों में शामिल होने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस बात पर जोर दिया कि अधिकारियों को इन स्थानों पर जाकर लोगों से मिलना चाहिए और उनकी खुशियों में सहभागी बनना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश भर के अधिकारियों को अवैध शराब के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि शराब के उपयोग, निर्माण और परिवहन पर सख्त से सख्त अंकुश लगाया जाए। जहरीली और नकली शराब बनाने वाले स्थानों को चिन्हित कर ऐसे लोगों के खिलाफ कठोरतम वैधानिक कार्रवाई की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि अवैध शराब की बिक्री में शामिल एजेंट, पैकर और डायरी व्यवस्था जैसे असामाजिक कार्यों पर सख्ती से रोक लगाई जाए। उन्होंने आगे कहा कि शराब का परिवहन करने वाले वाहनों का फिजिकल वेरिफिकेशन किया जाना चाहिए ताकि अवैध शराब की तस्करी को रोका जा सके। वैध लाइसेंस वाली शराब की दुकानों पर तय कीमत से अधिक दाम न वसूले जाएं, यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने पुलिस और आबकारी विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे समय-समय पर मदिरा के नमूने लेते रहें। यदि इन नमूनों में मानव उपभोग के लिए हानिकारक तत्व पाए जाते हैं, तो ऐसे लाइसेंसधारियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भविष्य में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या विषम परिस्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों और आबकारी अधिकारियों को मिलकर जिले में एक सुव्यवस्थित व्यवस्था स्थापित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इन सभी अधिकारियों के समन्वित प्रयासों से ही प्रदेश में शांति और व्यवस्था बनाए रखी जा सकती है।
