विधायक सुदेश राय ने देखी मरीजों के भोजन की क्वालिटी
टीबी रोग मुक्त अभियान के तहत सीहोर जिला अस्पताल में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में क्षय रोग से मुक्त हुई ग्राम पंचायतों के सरपंचों को सम्मानित किया गया। विधायक सुदेश राय ने कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शिक्षा, चिकित्सा और किसान कल्याण को लेकर बेहद सक्रिय हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव प्रदेश को टीबी मुक्त बनाने के लिए एक विशेष अभियान चला रहे हैं। यह अभियान टीबी को जड़ से खत्म करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। जिला अस्पताल में आयोजित इस कार्यक्रम में टीबी रोग मुक्त भारत अभियान के जिला प्रभारी जागेश्वर दयाल ने अभियान की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार और स्वास्थ्य विभाग मिलकर क्षय रोग के उन्मूलन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने उपस्थित सरपंचों, मरीजों और उनके परिजनों को संबोधित करते हुए कहा कि टीबी एक गंभीर बीमारी है, लेकिन सही समय पर इलाज और सावधानी से इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। विधायक सुदेश राय ने कार्यक्रम के दौरान अस्पताल की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने विभिन्न चिकित्सा विभागों का दौरा किया और वहां मौजूद कर्मचारियों से मरीजों के इलाज और सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से भी मिलकर व्यवस्थाओं पर उनका फीडबैक लिया। विधायक ने विशेष रूप से कैंटीन में जाकर मरीजों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता की जांच की। उन्होंने कैंटीन संचालकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए ताकि मरीजों को पौष्टिक और स्वच्छ भोजन मिल सके। सिविल सर्जन यूपीएस श्रीवास्तव ने बताया कि टीबी मरीजों के इलाज के लिए सभी सरकारी अस्पतालों में उच्च गुणवत्ता की दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि किसी भी मरीज को दवाइयों की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। यह सुनिश्चित करने के लिए कि मरीजों को समय पर और पर्याप्त मात्रा में दवाएं मिलें, विशेष प्रबंध किए गए हैं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी मरीज इलाज से वंचित न रहे। दयाल ने आगे बताया कि टीबी रोग मुक्त भारत अभियान के तहत ग्राम पंचायतों को भी सक्रिय रूप से जोड़ा गया है। जिन ग्राम पंचायतों ने टीबी उन्मूलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, उनके सरपंचों को सम्मानित करके अन्य पंचायतों को भी प्रेरित किया जा रहा है। यह सम्मान इस बात का प्रतीक है कि सामुदायिक भागीदारी से ही ऐसे बड़े लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर एक स्वस्थ भारत का निर्माण करेंगे।

