सीहोर के आवासीय खेल मैदान पर क्रिसेंट गरबा महोत्सव का प्रशिक्षण पिछले 20 दिनों से जारी है, जहां मां की ममता और स्नेह का एक भावुक दृश्य देखने को मिला। गरबा केवल नृत्य नहीं, बल्कि मां जगदंबा की आराधना, आस्था और भावनाओं से जुड़ा एक उत्सव है। जब भक्ति के इस रंग में मातृत्व का भाव घुल जाता है, तो यह दृश्य दिल को छू जाता है। इसी प्रशिक्षण के दौरान, जब अरुणा सुदेश राय एक नन्ही बालिका को स्नेह से गले लगाकर भावुक हो उठीं, तब यह पल अत्यंत मार्मिक बन गया। पिछले 20 दिनों से लगातार चल रहे इस गरबा प्रशिक्षण में बड़ी संख्या में बालिकाएं और महिलाएं उत्साह के साथ भाग ले रही हैं। यहां हर दिन मां दुर्गा की आराधना, पारंपरिक गरबा और डांडिया की तैयारियों के बीच आत्मविश्वास, अनुशासन और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिल रहा है। इसी प्रशिक्षण के दौरान एक नन्ही बालिका के प्रति अरुणा सुदेश राय का स्नेह उमड़ पड़ा। उन्होंने बच्ची को प्यार से अपने करीब लिया, उसके सिर पर हाथ रखा और उसे दुलार किया। तस्वीर में कैद यह पल स्नेह, अपनत्व और भावनात्मक जुड़ाव की खूबसूरत कहानी बयां कर रहा है। गरबा के रंगों के बीच ममता की यह अनमोल तस्वीर आयोजन के मानवीय पक्ष को उजागर करती है। भव्य आयोजन, संगीत और डांडिया की खनक के बीच यह दृश्य बताता है कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन केवल मंच और प्रस्तुतियों तक सीमित नहीं होते, बल्कि लोगों के बीच आत्मीयता और रिश्तों का जुड़ाव भी मजबूत करते हैं। अरुणा सुदेश राय का नन्ही बालिका के प्रति यह स्नेह इस आयोजन की एक यादगार और हृदयस्पर्शी घटना बन गया। यह समग्र विकास पर केंद्रित एक पहल है।
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गरबा अभ्यास के दौरान नन्ही बालिका को सीने से लगाकर दुलारती दिखीं अरुणा सुदेश राय
14 अक्टूबर 2026 को 11:19 pm बजे

गरबा अभ्यास के दौरान नन्ही बालिका को सीने से लगाकर दुलारती दिखीं अरुणा सुदेश राय
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