सीहोर जिले के रोला गांव में भूमि विवाद को लेकर सोमवार को उस समय हंगामा मच गया जब ट्रैक्टर लेकर खेत पर बखर करने पहुंचे किसानों और मजदूरों पर अतिक्रमणकारियों ने लाठी-डंडों और पत्थरों से जानलेवा हमला कर दिया। इस दौरान पुलिसकर्मियों के सामने एक महिला दराता लेकर खड़ी हो गई, तो दूसरी महिला ने ट्रैक्टर पर चढ़कर सरकारी आदेश मानने से इनकार कर दिया। पीड़ितों ने जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर एसपी सोनाक्षी सक्सेना को आवेदन सौंपा और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। घटना 3 अक्टूबर शनिवार दोपहर करीब 1 बजे ग्राम बिजोरी में हुई। भगवत पिता पीर सिंह, लीला किशन मेवाड़ा और निकेश मेवाड़ा ने अपना ट्रैक्टर ड्राइवर बंसीलाल के साथ रोला गांव स्थित अपनी भूमि खसरा क्रमांक 193/1/1/1/2, 203/4/1, 193/1/1/2 और 193/1/3 पर कृषि कार्य के लिए भेजा था। जैसे ही ट्रैक्टर खेत में बखर करने लगा, सुनीता बाई पुत्री अमर सिंह और प्रवीण सहित अन्य लोगों ने उस भूमि पर अपना दावा करते हुए हमला कर दिया। उन्होंने लाठी-डंडों से ट्रैक्टर ड्राइवर और खेत मालिकों पर हमला किया। हमलावरों ने इस कदर उत्पात मचाया कि खेत में काफी देर तक हंगामा चलता रहा। इस बीच, मामले को सुलझाने के लिए मंडी थाने के पुलिसकर्मी भी मौके पर पहुंचे। लेकिन, पुलिस के सामने भी महिला आरोपी नहीं मानीं। एक महिला ने जहां दराता लहराते हुए पुलिस को चुनौती दी, वहीं दूसरी महिला ट्रैक्टर पर चढ़ गई और सरकारी आदेश मानने से साफ इनकार कर दिया। इस घटनाक्रम ने अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। पीड़ित भगवत पिता पीर सिंह ने बताया कि उन्होंने यह भूमि वर्ष 2019 में प्रवीण पिता लालचंद, नारायण सिंह पिता हरिराम और लालचंद पिता नंदराम निवासी ग्राम रोला से खरीदी थी। इसके बावजूद, वर्तमान में राजेश और राजेंद्र सिंह पिता हरी राम का भूमि पर अवैध कब्जा पाया गया है। यह मामला तहसीलदार न्यायालय में भी पहुंचा था, जिसने भूमि पर बखर चलाने का आदेश दिया था। भगवत सिंह के अनुसार, आरोपी पक्ष पहले भी एसडीएम कोर्ट और अन्य अदालतों में याचिकाएं दायर कर चुका है, लेकिन हर बार उनकी याचिका खारिज हो चुकी है। इसके बावजूद, वे लगातार भूमि पर अवैध कब्जा बनाए हुए हैं। उन्होंने बताया कि लड़ाई-झगड़े से ट्रैक्टर मालिक या ड्राइवर का कोई लेना-देना नहीं है, फिर भी सुनीता बाई ने उनके खिलाफ एससी-एसटी की गंभीर धाराओं के तहत झूठा मामला फंसाने की कोशिश की है। पीड़ितों का कहना है कि हमलावरों ने न केवल उन पर जानलेवा हमला किया, बल्कि पुलिस के सामने भी सरकारी आदेशों की अवहेलना की। उन्होंने जिला पुलिस अधीक्षक सोनाक्षी सक्सेना से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। शिकायती पत्र सौंपते समय भगवत सिंह के साथ महेंद्र, पीर सिंह, दिनेश और अन्य किसान भी मौजूद थे। यह घटना भूमि विवादों की बढ़ती प्रवृत्ति और कानून के प्रति कुछ लोगों के उपेक्षापूर्ण रवैये को उजागर करती है। खासकर तब, जब तहसीलदार न्यायालय द्वारा आदेश दिए जाने के बावजूद अतिक्रमणकारी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे। पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में भी महिलाओं का इस तरह का आक्रामक रवैया चिंताजनक है। प्रशासनिक और न्यायिक आदेशों को खुलेआम चुनौती देने वाले इन अतिक्रमणकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। पीड़ितों को न्याय मिलना चाहिए और उनकी खरीदी हुई भूमि पर उनका हक स्थापित होना चाहिए। यह पूरा मामला सीहोर जिले के रोला गांव का है, जहां जमीन पर मालिकाना हक को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। विवादित जमीन खसरा क्रमांक 193/1/1/1/2, 203/4/1, 193/1/1/2 और 193/1/3 बताई जा रही है। पीड़ितों के अनुसार, उन्होंने वर्ष 2019 में इस जमीन को खरीदा था, लेकिन कुछ लोग अवैध रूप से काबिज हैं।
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सीहोर: पुलिस के सामने दराता लेकर खड़ी हुई महिला, भूमि विवाद में हमला
5 अक्टूबर 2026 को 11:26 pm बजे

सीहोर: पुलिस के सामने दराता लेकर खड़ी हुई महिला, भूमि विवाद में हमला
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