शक्ति की उपासना और आराधना के महापर्व ‘शारदीय नवरात्रि’ के पावन अवसर पर मध्य प्रदेश शासन, संस्कृति विभाग द्वारा जिला प्रशासन दमोह के सहयोग से 14 अक्टूबर, 2026 को ‘शक्ति पर्व’ का आयोजन किया जा रहा है। इस सुप्रतिष्ठित आयोजन में विविध कलाओं के माध्यम से प्रदेश एवं देश के सुविख्यात कलाकार शक्ति के स्वरूपों एवं उनसे जुड़े आख्यानों पर केंद्रित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। यह कार्यक्रम सायं 6:30 बजे से प्रारंभ होगा और प्रवेश निःशुल्क रहेगा। संचालक, संस्कृति एनपी नामदेव ने बताया कि प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भव्य एवं दिव्य 'शक्ति पर्व' का आयोजन किया जा रहा है। भारतीय संस्कृति में निहित शक्ति के महत्व एवं महानता को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना इस आयोजन का उद्देश्य है। यह आयोजन प्रदेश के कई प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों पर एक साथ आयोजित किया जाएगा। इनमें मां बिजासन माता मंदिर प्रांगण - सलकनपुर (जिला - सीहोर), मां भादवा माता मंदिर प्रांगण - नीमच, मां बगलामुखी माता मंदिर प्रांगण - नलखेड़ा (जिला - आगर मालवा), तहसील ग्राउंड - दमोह, दशहरा मैदान - रायसेन एवं मां शारदा देवी मंदिर प्रांगण - मैहर शामिल हैं। प्रत्येक स्थल पर स्थानीय कला और संस्कृति के अनुरूप विशेष प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी, जो शक्ति के विभिन्न रूपों को दर्शाएंगी। विशेष रूप से, तहसील ग्राउंड, दमोह में 14 अक्टूबर, 2026 को सायं 6:30 बजे से 'शक्ति पर्व' का एक अनूठा आयोजन होगा। इस कार्यक्रम की शुरुआत अभिलाष चौबे एवं साथी, सागर द्वारा लोक में भक्ति गायन की प्रस्तुति से होगी। यह प्रस्तुति श्रोताओं को भक्ति और लोक संगीत के अनूठे संगम का अनुभव कराएगी, जो शक्ति की आराधना का एक महत्वपूर्ण अंग है। इसके पश्चात, 'शिव शक्ति' नामक एक नृत्य नाटिका का मंचन किया जाएगा। इस प्रस्तुति का मंचन अखंड सुदर्पण जन कल्याण समिति, खंडवा द्वारा किया जाएगा। यह नृत्य नाटिका शिव और शक्ति के शाश्वत संबंध और ब्रह्मांड में उनके महत्व को दर्शाएगी, जो भारतीय पौराणिक कथाओं का एक अभिन्न अंग है। यह प्रस्तुति कला के माध्यम से आध्यात्मिकता और शक्ति के गूढ़ रहस्यों को उजागर करेगी। कार्यक्रम के अंतिम चरण में, महिमा पांडे एवं साथी, भोपाल द्वारा भक्ति गायन की प्रस्तुति दी जाएगी। यह प्रस्तुति श्रोताओं को एक आध्यात्मिक यात्रा पर ले जाएगी, जिसमें देवी शक्ति के विभिन्न रूपों और उनकी महिमा का गुणगान किया जाएगा। इस प्रकार, 'शक्ति पर्व' के माध्यम से कला, संस्कृति और आध्यात्मिकता का एक अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। संस्कृति विभाग के संचालक एनपी नामदेव ने इस आयोजन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 'शक्ति पर्व' केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति की जड़ों से जुड़ने का एक माध्यम है। यह आयोजन लोगों को अपनी प्राचीन परंपराओं और मूल्यों से अवगत कराएगा, साथ ही उन्हें कला और संगीत के माध्यम से शक्ति की उपासना करने का अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने आगे कहा कि इस वर्ष का 'शक्ति पर्व' विशेष रूप से भव्य और दिव्य होगा, जिसमें देश भर के प्रतिष्ठित कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। इन कलाकारों की प्रस्तुतियां शक्ति के विभिन्न पहलुओं, जैसे कि सृजन, संरक्षण और विनाश, को जीवंत करेंगी। यह आयोजन युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूक करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारतीय संस्कृति में निहित शक्ति के महत्व और उसकी महानता को व्यापक जनसमुदाय तक पहुंचाना है। यह प्रयास सुनिश्चित करेगा कि शक्ति की उपासना और आराधना की परंपराएं जीवित रहें और भविष्य की पीढ़ियों को भी इनसे प्रेरणा मिलती रहे। यह आयोजन कला और संस्कृति के माध्यम से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेगा। मां बिजासन माता मंदिर प्रांगण, सलकनपुर (जिला - सीहोर) में होने वाले कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर के कलाकार भी अपनी प्रस्तुतियां देंगे। यह स्थान अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता के लिए जाना जाता है, और यहां 'शक्ति पर्व' का आयोजन इस स्थान की गरिमा को और बढ़ाएगा। मंदिर परिसर में होने वाली प्रस्तुतियां एक आध्यात्मिक वातावरण का निर्माण करेंगी। इसी प्रकार, मां भादवा माता मंदिर प्रांगण - नीमच में भी एक विशेष सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा। यह स्थान भी शक्ति की आराधना के लिए प्रसिद्ध है, और यहां की प्रस्तुतियां भक्तों को देवी के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करने का एक अनूठा अवसर प्रदान करेंगी। स्थानीय लोक कलाओं पर आधारित प्रस्तुतियां इस आयोजन का मुख्य आकर्षण होंगी। मां बगलामुखी माता मंदिर प्रांगण, नलखेड़ा (जिला - आगर मालवा) में आयोजित होने वाले 'शक्ति पर्व' में विशेष रूप से तंत्र-मंत्र और आध्यात्मिक कलाओं पर आधारित प्रस्तुतियां शामिल होंगी। बगलामुखी माता को तंत्र-मंत्र की देवी माना जाता है, और इस स्थान पर होने वाले कार्यक्रम इस आध्यात्मिक परंपरा को दर्शाएंगे। यह आयोजन उन लोगों के लिए विशेष रूप से रुचिकर होगा जो भारतीय आध्यात्मिकता के गूढ़ रहस्यों में रुचि रखते हैं। तहसील ग्राउंड, दमोह में होने वाले कार्यक्रम में एक बहुआयामी प्रस्तुति का आयोजन होगा, जिसमें विभिन्न कला शैलियों का समावेश होगा। यह आयोजन स्थानीय समुदाय को एक साथ लाने का एक मंच प्रदान करेगा।
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नवरात्रि पर मध्य प्रदेश में 'शक्ति पर्व' का भव्य आयोजन, प्रदेश भर में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी
13 अक्टूबर 2026 को 11:47 pm बजे

नवरात्रि पर मध्य प्रदेश में 'शक्ति पर्व' का भव्य आयोजन, प्रदेश भर में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी
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