सुबह करीब 4 बजे मंदिर पहुंचीं दोनों, दो घंटे तक नंदी हॉल में बैठकर की आरती
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की खिलाड़ी हरलीन देओल और फिल्म अभिनेत्री ईशा कोप्पिकर ने बुधवार सुबह महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में पहुंचकर आस्था का अनूठा संगम प्रस्तुत किया। दोनों हस्तियों ने करीब 4 बजे मंदिर में प्रवेश किया और दो घंटे तक नंदी हॉल में बैठकर भगवान महाकाल की पवित्र भस्म आरती के दर्शन किए। इस दौरान दोनों ही भक्ति में लीन नजर आईं, जिसने वहां मौजूद श्रद्धालुओं को भी भावविभोर कर दिया। भस्म आरती के दौरान हरलीन देओल और ईशा कोप्पिकर ने पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ भगवान महाकाल का नमन किया। उन्होंने महाकाल का जाप भी किया और आरती के पश्चात् मंदिर की देहरी से भगवान का आशीर्वाद प्राप्त किया। पुजारियों के माध्यम से उन्होंने विधि-विधान से भगवान महाकाल को जल भी अर्पित किया, जो उनकी गहरी आस्था का प्रतीक था। यह पहली बार नहीं है जब हरलीन देओल ने महाकाल के दर्शन किए हों। उन्होंने स्वयं बताया कि यह तीसरी बार है जब वह महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए आई हैं। उनकी बातों से यह स्पष्ट था कि वह इस पवित्र स्थान से गहरा जुड़ाव महसूस करती हैं। ईशा कोप्पिकर ने भी महाकालेश्वर के दर्शन के बाद अपनी भावनाओं को व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भगवान महाकाल के दर्शन करने के बाद उनके पास कहने के लिए शब्द नहीं हैं। यह अनुभव इतना गहरा और आत्मिक था कि उसे शब्दों में बयां करना कठिन था। उनकी आवाज में एक असीम शांति और संतोष का भाव था। दोनों ने न केवल दर्शन किए, बल्कि मंदिर की व्यवस्थाओं की भी खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि मंदिर में दर्शन के लिए की गई व्यवस्थाएं अत्यंत सराहनीय हैं और इससे श्रद्धालुओं को काफी सुविधा होती है। यह प्रशंसा मंदिर प्रबंधन के लिए एक बड़ा सम्मान थी। नंदी हॉल में बैठकर आरती का अनुभव अद्वितीय था।
ईशा कोप्पिकर बोलीं- महाकाल के दर्शन के बाद कहने को शब्द नहीं, हरलीन बोलीं- जब भी बुलावा आएगा, आती रहूंगी
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की खिलाड़ी हरलीन देओल और फिल्म अभिनेत्री ईशा कोप्पिकर बुधवार सुबह श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर पहुंचीं। दोनों करीब सुबह 4 बजे मंदिर पहुंचीं और लगभग दो घंटे तक नंदी हॉल में बैठकर भगवान महाकाल की भस्म आरती में शामिल हुईं। भस्म आरती के दौरान दोनों भक्ति में लीन नजर आईं और उन्होंने हाथ जोड़कर भगवान महाकाल का नमन किया। दर्शन के बाद, हरलीन देओल और ईशा कोप्पिकर ने महाकाल की देहरी से भगवान का आशीर्वाद लिया और पुजारियों के माध्यम से जल अर्पित किया। ईशा कोप्पिकर ने कहा कि महाकाल के दर्शन के बाद उनके पास कहने के लिए शब्द नहीं हैं। उन्होंने मंदिर में दर्शन और व्यवस्था की भी सराहना की।

