दमोह: सतधरु सिंचाई परियोजना का 96% काम पूरा, विधायक ने एजेंसी को जेसीबी व श्रमिक बढ़ाने को कहा
दमोह। विधायक जयंत मलैया ने सतधरु सिंचाई परियोजना के शेष निर्माण कार्य का निरीक्षण करते हुए प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को स्पष्ट निर्देश दिए कि परियोजना का शेष कार्य हर हाल में निर्धारित समय-सीमा दिसंबर 2026 तक पूर्ण किया जाए, ताकि क्षेत्र के किसानों को शीघ्र सिंचाई सुविधा का लाभ मिल सके। विधायक मलैया ने कहा कि सतधारु सिंचाई परियोजना दमोह तहसील के किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है। परियोजना का लगभग 96 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है, लेकिन शेष कार्य लंबे समय से प्रभावित हो रहा है। इसका एक प्रमुख कारण कुछ किसानों द्वारा अपने खेतों में पाइपलाइन बिछाने के कार्य में सहयोग न करना और निर्माण एजेंसी द्वारा पर्याप्त संख्या में जेसीबी मशीन व कार्यदल न बढ़ाना है। उन्होंने क्षेत्र के किसानों से अपील की कि वे जनहित और अपने क्षेत्र के विकास को ध्यान में रखते हुए निर्माण एजेंसी को खेतों में शेष कार्य करने में सहयोग प्रदान करें। विधायक ने निर्माण एजेंसी को निर्देशित किया कि जेसीबी मशीनों और श्रमिकों की संख्या तत्काल बढ़ाई जाए तथा अतिरिक्त टीम लगाकर युद्धस्तर पर कार्य किया जाए। यह परियोजना दमोह तहसील के किसानों के लिए सिंचाई की सुविधा सुनिश्चित करेगी, जिससे उनकी कृषि उपज में वृद्धि होगी। विधायक जयंत मलैया ने विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि कार्य की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित समयावधि में कार्य पूर्ण न होने की स्थिति में संबंधित एजेंसी के विरुद्ध ब्लैकलिस्ट करने सहित नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। यह निर्देश परियोजना में हो रही देरी और उसकी धीमी गति पर चिंता व्यक्त करते हुए दिए गए हैं। उल्लेखनीय है कि लगभग 97 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सतधरु सिंचाई परियोजना की सिंचाई क्षमता 7,620 हेक्टेयर है। यह परियोजना क्षेत्र में जल प्रबंधन और कृषि विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। परियोजना को समय पर पूरा करने से किसानों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा। परियोजना पूर्ण होने पर दमोह तहसील के 39 ग्रामों के लगभग 11,000 किसानों को पाइपलाइन पद्धति के माध्यम से सीधे उनके खेतों तक सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध हो सकेगा। इससे न केवल कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि किसानों को सिंचाई की बेहतर सुविधा भी मिलेगी। यह किसानों के जीवन स्तर को सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। वर्तमान में बांध में सिंचाई और पेयजल आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध है। यह सुनिश्चित करता है कि परियोजना के चालू होने पर जल की कोई कमी न हो। बांध में जल की उपलब्धता परियोजना के सफल संचालन के लिए एक सकारात्मक संकेत है। किसानों द्वारा सहयोग न करने की बात पर विधायक ने जोर दिया कि यह परियोजना उनके अपने हित में है।
