मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में संपन्न हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के सर्वांगीण विकास और प्रशासनिक तंत्र को सुदृढ़ करने के लिए 8 हजार 225 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास योजनाओं और वित्तीय प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। इस बैठक में राज्य में कृषि विस्तार और जल संसाधन प्रबंधन को प्राथमिकता देते हुए छिंदवाड़ा, मुरैना और सागर जिलों की वृहद सिंचाई परियोजनाओं के निरंतर संचालन के लिए वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक 3,378 करोड़ 69 लाख रुपये की मंजूरी दी गई, जिससे व्यापक स्तर पर सिंचाई क्षमता का विस्तार होगा। विशेष रूप से, छिंदवाड़ा सिंचाई कॉम्पलेक्स परियोजना के लिए 2,611 करोड़ 13 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिसका उद्देश्य छिंदवाड़ा जिले के 1,90,500 हेक्टेयर क्षेत्र में सूक्ष्म सिंचाई के माध्यम से किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाना है। पेंच व्यपवर्तन (वृहद) परियोजना की निरंतरता हेतु 197 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जो छिंदवाड़ा और सिवनी जिलों में कृषि के लिए पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करेगा और छिंदवाड़ा जिले के 1,26,647 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित करेगा। पर्यावरण संरक्षण और क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण कार्यों को गति देने के लिए, मंत्रि-परिषद ने प्रतिकरात्मक वन रोपण निधि (कैम्पा) से 2,050 करोड़ 3 लाख रुपये के उपयोग का अनुमोदन किया है। इस निधि का उपयोग विगत वर्षों के कार्यों के रख-रखाव, क्षतिपूर्ति पौधारोपण, बिगड़े वनों के सुधार, नदियों के पुनर्जीवन, मृदा एवं जल संरक्षण, ग्रामीणों की आजीविका हेतु वृक्षारोपण, वन्यप्राणी संरक्षित क्षेत्रों के गांवों से स्वैच्छिक विस्थापन, बफर क्षेत्र सहित संरक्षित क्षेत्रों में रहवास का विकास, नगर वनों की स्थापना, वन एवं वन्यप्राणी संबंधी अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण और ग्रामीणों की क्षमता विकास जैसे कार्यों में किया जा सकता है। आवेदक संस्थानों से प्राप्त क्षतिपूर्ति वनरोपण, वन्यप्राणी प्रबंधन तथा नेट प्रजेन्ट वेल्यू (एनपीव्ही। ) जैसी राशि राज्य की प्रतिकरात्मक वन रोपण निधि (कैम्पा निधि) में जमा की जाती है। जन-स्वास्थ्य सेवाओं को निर्बाध रखने के उद्देश्य से लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग को 1,743 करोड़ 58 लाख रुपये का अनुमोदन दिया गया है। वहीं, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण योजनाओं के लिए 651 करोड़ 25 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस स्वीकृति के अनुसार, आयुक्त दिव्यांगजन कार्यालय की स्थापना के लिए 6 करोड़ 34 लाख रुपये, स्वावलम्बन केन्द्र इंदौर के लिए 2 करोड़ 29 लाख रुपये, और दृष्टि एवं श्रवण बाधित शालाओं तथा संस्थाओं के वेतन भत्ते के लिए 152 करोड़ 37 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस राशि में स्थापना, वेतन भत्ते एवं कार्यालय व्यय के लिए 327 करोड़ 52 लाख रुपये, प्रशासकीय भवन के निर्माण के लिए 11 करोड़ रुपये और विभागीय परिसंपत्तियों के संधारण के लिए 7 करोड़ रुपये शामिल हैं।
समाचार
मंत्रि-परिषद ने विकास योजनाओं को दी स्वीकृति
27 अक्टूबर 2026 को 11:50 pm बजे
मंत्रि-परिषद ने विकास योजनाओं को दी स्वीकृति
