जनगणना द्वितीय चरण के लिए भोपाल में दो दिवसीय प्रशिक्षण शुरू, कलेक्टर ने गुणवत्तापूर्ण कार्य का दिया निर्देश
भारत की जनगणना के द्वितीय चरण की जनसंख्या गणना के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण का शुभारंभ भोपाल के स्थानीय ज्ञानचंद श्रीवास्तव शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के ऑडिटोरियम में हुआ। इस प्रशिक्षण की शुरुआत प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं कलेक्टर प्रताप नारायण यादव की उपस्थिति में हुई। उन्होंने इस कार्य को केवल शासकीय दायित्व के रूप में न लेते हुए विकसित राष्ट्र के निर्माण में अपनी सहभागिता के रूप में लेने का आह्वान किया। कलेक्टर यादव ने सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरी जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और गुणवत्ता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के निर्देश दिए। यह प्रशिक्षण जनगणना निदेशालय, भोपाल से आईं प्रशिक्षक द्वय दीपिका कुमारी एवं मोनू चौहान द्वारा दिया जा रहा है। प्रशिक्षण में अनुविभागीय जनगणना अधिकारी, तहसीलदार, चार्ज जनगणना अधिकारी, तकनीकी सहायकों सहित संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को जनगणना के परिचालन प्रक्रिया, प्रशासनिक अधिकारियों तथा लिपिकों का दायित्व, CMएमएस पीई मॉड्यूल - गणना, ब्लॉक का गठन, ईबी किए्टर के माध्यम से उप-गणना, ब्लॉक का सीमांकन एवं ले-आउट, पीई मोबाइल ऐप संचालन, स्वगणना पोर्टल सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर गहन प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य मैदानी स्तर पर कार्य को सटीक, सुगम एवं त्रुटिरहित ढंग से संपादित करना है, ताकि जनगणना का कार्य कुशलतापूर्वक संपन्न हो सके। जिला जनगणना अधिकारी एवं अपर कलेक्टर राकेश मोहन ने जनगणना की रूपरेखा एवं कार्यप्रणाली से अधिकारियों को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि पूर्व में जनगणना का कार्य मुख्य रूप से मैन्युअल एवं कागजी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता था, जबकि इस बार मोबाइल ऐप के माध्यम से डिजिटल स्वरूप में जानकारी संकलित की जाएगी। पहली बार डिजिटल तकनीक का व्यापक उपयोग जनगणना कार्य में किया जाएगा, जिससे डेटा संग्रह की प्रक्रिया तेज और अधिक कुशल होगी। कलेक्टर यादव ने इस बात पर जोर दिया कि जनगणना कार्य के दौरान अधिकारी-कर्मचारी जनता के बीच धैर्य, मर्यादा, संवेदनशीलता और सहयोगपूर्ण व्यवहार रखें। उनका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक व्यक्ति से सही एवं पूर्ण जानकारी प्राप्त की जा सके। यह जानकारी देश और समाज की वास्तविक स्थिति, सामाजिक एवं आर्थिक परिस्थितियों तथा आवश्यकताओं की सटीक जानकारी प्राप्त करने में महत्वपूर्ण साबित होगी। यह सटीक जानकारी क्षेत्र के समग्र विकास की योजनाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण आधार बनेगी। इसके लिए अभी से प्रशिक्षण एवं मैदानी तैयारियों को व्यवस्थित रूप से पूरा किया जा रहा है। जनगणना का निर्धारित गणना चरण 9 फरवरी से 28 फरवरी तक चलेगा। इस अवधि में घर-घर जाकर जनसंख्या की गणना की जाएगी। सभी ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताया और जनगणना कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न करने का संकल्प लिया।

