गोटेगांव में श्रीमद्भागवत कथा यज्ञ में बोले मुख्यमंत्री डॉ. यादव, 19 धार्मिक नगरों में शराबबंदी का लिया निर्णय
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गोटेगांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा यज्ञ के शुभारंभ अवसर पर कहा कि प्रदेश सरकार सनातन संस्कृति, भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं और गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत पुराण चारों वेदों, अठारह पुराणों और उपनिषदों के सार को समाहित करने वाला पवित्र ग्रंथ है, जो मनुष्य को जीवन, मृत्यु, कर्म और सदाचार का वास्तविक अर्थ समझाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को पूज्य गोपीठाधीश्वर महंत बिपिन बिहारी दास जी महाराज की उपस्थिति में कथा का शुभारंभ करते हुए समाज को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मनुष्य को परमात्मा द्वारा प्रदत्त जीवन और सांसों का सदुपयोग अच्छे कर्मों और श्रेष्ठ संस्कारों के लिए करना चाहिए, क्योंकि जन्म और मृत्यु परमात्मा की व्यवस्था का हिस्सा हैं। हमारी संस्कृति मानव जीवन के कर्तव्यों और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत की सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं का गौरव विश्वभर में स्थापित हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परमपूज्य महाराजश्री के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश सरकार के सामाजिक बुराइयों को दूर करने और धार्मिक वातावरण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रदेश की 19 धार्मिक नगरों में शराबबंदी का निर्णय लिया गया है। सरकार का प्रयास है कि समाज को व्यसन और अन्य बुराइयों से मुक्त बनाने के लिए हरसंभव पहल की जाए। उन्होंने नक्सलवाद के विरुद्ध मिली सफलता के बाद अब वर्ष 2029 तक ड्रग्स और नशे के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई लड़ने का संकल्प दोहराया, ताकि युवा पीढ़ी को नशे के दुष्प्रभावों से सुरक्षित रखा जा सके। इस पहल के तहत प्रदेश में धूमधाम से मनाई जा रही गीता जयंती के अवसर पर गांवों के साथ नगरीय निकायों में भी गीता भवनों के निर्माण का संकल्प लिया गया है, ताकि धार्मिक, आध्यात्मिक और सामाजिक आयोजनों के लिए स्थायी स्थान उपलब्ध हो सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मां नर्मदा की परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नर्मदा मिशन के माध्यम से परिक्रमा पथ के विकास की जानकारी दी। इसके अंतर्गत परिक्रमवासियों के लिए विश्राम स्थल, घाट उन्नयन और अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। साथ ही मां नर्मदा के जल की शुद्धता बनाए रखने के लिए जल शुद्धीकरण की व्यवस्थाओं पर भी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के प्रत्येक जनपद में एक वृंदावन गांव विकसित करने की पहल की गई है, जहां देसी गोवंश के संरक्षण और संवर्धन को प्रोत्साहित किया जाएगा। साहीवाल, गिर और स्थानीय नस्ल की गायों के पालन को बढ़ावा देने के लिए प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत देसी गाय पालने वाले पशुपालकों को प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता देने की पहल भी की जा रही है, जिससे गोपालन, प्राकृतिक खेती और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं से जुड़े प्रदेश के विभिन्न स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जा रहा है। उज्जैन में सिंहस्थ की तैयारियों के साथ महाकाल महालोक, ओरछा, चित्रकूट, ओंकारेश्वर, महेश्वर और अमरकंटक सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों का विकास किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलें और हमारी आध्यात्मिक विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने। उन्होंने समाज के लोगों से आग्रह किया कि जीवन में किसी भी बड़े दायित्व पर पहुंचने के बाद अपने संस्कारों को नहीं भूलना चाहिए। सामूहिक विवाह को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता बताते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने दोनों बच्चों का विवाह भी सामूहिक विवाह के माध्यम से किया है।
