मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डिंडोरी जिले में कृषि क्षेत्र में नवाचार और विकास की नई संभावनाओं पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कोदो, कुटकी और धान की खरीदी के निर्णय से किसानों को निश्चित रूप से प्रोत्साहन मिलेगा। यह निर्णय डिंडोरी जिले के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जिसे हाल ही में आयुर्वेद महाविद्यालय की सौगात भी मिली है। बलराम कृषि महोत्सव को वर्चुअली संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जिले में कृषि क्षेत्र में सकारात्मक वातावरण के निर्माण की सराहना की।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने डिंडोरी जिले में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि आज जिले में कृषि के क्षेत्र में नवाचार और विकास को लेकर जो सकारात्मक वातावरण निर्मित हुआ है, वह अद्भुत और उत्साहजनक है। उन्होंने कहा कि डिंडोरी जिला उनके लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यह उनका प्रिय जिला है और पूर्व में वे यहां के प्रभारी भी रह चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस बात पर जोर दिया कि डिंडोरी जिले ने अपने सुयोग्य जनप्रतिनिधियों के नेतृत्व में प्रदेश में अपनी एक अलग और विशिष्ट पहचान स्थापित की है। उन्होंने यह संबोधन इंदौर एयरपोर्ट से दिया, जहाँ से वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीधे डिंडोरी में उपस्थित किसानों और आयोजकों से जुड़े। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बलराम कृषि महोत्सव को किसानों को कृषि के क्षेत्र में नई संभावनाओं, आधुनिक तकनीकों और नवाचारों से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने विशेष रूप से डिंडोरी जैसे जनजातीय बहुल जिले में कृषि के क्षेत्र में हो रहे सकारात्मक प्रयासों की सराहना की और उन्हें सराहनीय बताया। मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों पर प्रकाश डाला, जो किसानों के कल्याण और उनकी आर्थिक समृद्धि को समर्पित हैं। इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए कोदो, कुटकी के साथ धान की खरीदी का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस निर्णय के दूरगामी प्रभावों पर जोर देते हुए कहा कि इससे क्षेत्र के किसानों को उनकी उपज का उचित और लाभकारी मूल्य मिलेगा। साथ ही, यह कदम परंपरागत कृषि उत्पादों को भी प्रोत्साहन प्रदान करेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में किसान कल्याण वर्ष के माध्यम से कृषि और पशुपालन को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है। यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से की गई है। किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इस वर्ष प्रत्येक विकासखंड में गौमाता प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। इन प्रतियोगिताओं का उद्देश्य उत्कृष्ट गौपालकों को पुरस्कृत करना और गौपालन को बढ़ावा देना है। प्रत्येक ब्लॉक के वृंदावन ग्राम में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले गौपालकों को सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन आयोजनों की जानकारी लेते हुए कहा कि गौपालन को प्रोत्साहित करना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और आवश्यक कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर सभी को दीपावली पर्व की अग्रिम शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने डिंडोरी जिले को हाल ही में मिली आयुर्वेद महाविद्यालय की सौगात का विशेष उल्लेख किया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में जिले को मिली अनेक विकासपरक सौगातों पर भी प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इन सभी विकास कार्यों से डिंडोरी जिले की प्रगति को एक नई और अभूतपूर्व गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यह जिला विकास के नए और महत्वपूर्ण आयाम स्थापित करेगा, जो क्षेत्र के निवासियों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में सहायक सिद्ध होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के संबोधन के दौरान, वरिष्ठ विधायक एवं अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल भी इंदौर में उपस्थित थे। उन्होंने बलराम कृषि महोत्सव के सफल आयोजन पर डिंडोरी जिले के किसानों और आयोजकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित कीं। राज्य सहकारी बैंक के प्रशासक महेन्द्र सिंह यादव ने बताया कि किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत भगवान बलराम के नाम पर बलराम कृषि महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम इस महत्वपूर्ण श्रृंखला का 49वां कार्यक्रम था, जो प्रदेश के प्रत्येक जिले में आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने इस आयोजन के महत्व पर प्रकाश डाला और कहा कि यह किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है। कार्यक्रम के दौरान, विभिन्न शासकीय योजनाओं के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। इन हितलाभों के वितरण से किसानों और अन्य लाभार्थियों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित होने का अवसर मिला। इसका मुख्य उद्देश्य कृषि एवं ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाना और क्षेत्र के समग्र विकास को बढ़ावा देना था। इस संदेश को कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों तक पहुंचाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डिंडोरी जिले में कृषि क्षेत्र में नवाचार और विकास की नई संभावनाओं पर बल दिया। उन्होंने कहा कि कोदो, कुटकी और धान की खरीदी के निर्णय से किसानों को निश्चित रूप से प्रोत्साहन मिलेगा।
