उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने भोपाल स्थित निवास कार्यालय में ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन सेवा के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने प्रदेश में टेलीमेडिसिन सेवाओं को अधिक प्रभावी, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। शुक्ल ने कहा कि ई-संजीवनी ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को विशेषज्ञ चिकित्सकों की परामर्श सेवाएं उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण माध्यम है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी और मरीजों को समय पर उचित परामर्श मिलेगा। नागरिकों को सहज, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा परामर्श उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य संस्थाओं में अधोसंरचना, इंटरनेट कनेक्टिविटी, विद्युत आपूर्ति, उपकरणों की उपलब्धता और स्वास्थ्यकर्मियों के प्रशिक्षण को प्राथमिकता से सुनिश्चित करने को कहा गया। इन कमियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने तथा सेवाओं के संचालन में आने वाली बाधाओं का समयबद्ध निराकरण करने के निर्देश दिए गए। अप्रैल से सितंबर 2026 की अवधि में ई-संजीवनी के माध्यम से 59,914 सामान्य परामर्श कॉल और 10,890 विशेषज्ञ परामर्श कॉल दर्ज किए गए। शुक्ल ने टेलीमेडिसिन सेवाओं के उपयोग में वृद्धि के लिए स्वास्थ्य संस्थाओं को सक्रिय करने, चिकित्सकों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने और निर्धारित समय-सारणी के अनुसार परामर्श सेवाओं का संचालन करने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान अगस्त-सितंबर 2025 में किए गए सुविधा तत्परता आकलन के निष्कर्षों पर भी चर्चा हुई, जिसमें इंटरनेट कनेक्टिविटी, विद्युत आपूर्ति और प्रशिक्षण से संबंधित कमियां प्रमुखता से सामने आईं। कुल 2,723 उप स्वास्थ्य केंद्रों में केवल एक मूलभूत सुविधा की कमी पाई गई।
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ई-संजीवनी सेवाओं में सुधार के निर्देश
30 अक्टूबर 2026 को 11:24 pm बजे
ई-संजीवनी सेवाओं में सुधार के निर्देश
