कलेक्टर ने हरा पशुचारा निर्माण मशीन के अधिक उपयोग के दिए निर्देश
नेशनल लाइवस्टॉक मिशन के तहत संचालित गतिविधियों की कलेक्टर को दी गई जानकारी
अमलाहा स्थित दिशा लाइवलीहुड में आज कलेक्टर बालागुरू के. ने नेशनल लाइवस्टॉक मिशन के तहत संचालित साइलेज (पशु आहार) उत्पादन इकाई का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने इकाई में साइलेज उत्पादन की पूरी प्रक्रिया, उपलब्ध संसाधनों और उत्पादन संबंधी अन्य व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। कलेक्टर के इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि पशु आहार उत्पादन इकाई सुचारू रूप से कार्य कर रही है और किसानों को गुणवत्तापूर्ण पशु आहार उपलब्ध कराने में सक्षम है। निरीक्षण के दौरान, कलेक्टर ने इकाई की कार्यप्रणाली को समझा और भविष्य में इसके विस्तार और सुधार की संभावनाओं पर अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने उत्पादन प्रक्रिया में नवीनतम तकनीकों के उपयोग पर भी जोर दिया ताकि साइलेज की गुणवत्ता को और बेहतर बनाया जा सके। यह निरीक्षण सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जमीनी स्तर पर उनके प्रभाव को समझने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था। निरीक्षण के दौरान, कलेक्टर बालागुरू के. ने पशुपालन विभाग के अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से हरा पशुचारा निर्माण मशीन के अधिक से अधिक उपयोग पर बल दिया। कलेक्टर का मानना था कि इस मशीन का प्रभावी उपयोग किसानों के लिए साइलेज उत्पादन को और अधिक सुलभ और किफायती बना सकता है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि इस मशीन को किसानों को किराये पर उपलब्ध कराया जाए। इस पहल का उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को भी आधुनिक पशु आहार उत्पादन तकनीकों का लाभ उठाने में मदद करना है, जिनके पास स्वयं ऐसी मशीनें खरीदने की क्षमता नहीं है। कलेक्टर ने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि मशीन के किराये की दरें उचित हों और यह सुविधा सभी जरूरतमंद किसानों तक पहुंचे। कलेक्टर के निर्देशों का पालन करते हुए, पशुपालन विभाग के अधिकारी इस मशीन के उपयोग को बढ़ावा देने और किसानों के लिए इसे आसानी से उपलब्ध कराने की दिशा में काम करेंगे। इस मशीन के व्यापक उपयोग से न केवल पशुओं के लिए पौष्टिक आहार की उपलब्धता बढ़ेगी, बल्कि किसानों की आय में भी वृद्धि होने की उम्मीद है। साइलेज उत्पादन इकाई की स्थापना का उद्देश्य पशुधन के पोषण स्तर को सुधारना और दुग्ध उत्पादन तथा पशु स्वास्थ्य में वृद्धि करना है। यह राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका लक्ष्य पशुपालन क्षेत्र को मजबूत करना और किसानों की आजीविका को बेहतर बनाना है। इस निरीक्षण के दौरान उप संचालक पशुपालन एवं डेयरी नीलेश देसाई भी कलेक्टर के साथ उपस्थित रहे। देसाई ने कलेक्टर को साइलेज उत्पादन इकाई की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने इकाई के संचालन, उत्पादन की मात्रा, गुणवत्ता नियंत्रण के उपायों और किसानों को प्रदान की जा रही सेवाओं के बारे में विस्तार से बताया। देसाई ने नेशनल लाइवस्टॉक मिशन के तहत संचालित विभिन्न गतिविधियों और उनके प्रभाव पर भी प्रकाश डाला।
