अरेरा कॉलोनी में कारोबार के मामले में हाईकोर्ट की चार हफ्ते की समय सीमा बीत चुकी है, लेकिन संयुक्त रहवासी संघर्ष समिति का आरोप है कि पहले सील किए गए या पंचनामे बनाए गए ज्यादातर प्रतिष्ठान दोबारा खुल गए हैं। समिति अब इस मामले में हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर करने की तैयारी कर रही है। हाईकोर्ट ने 8 सितंबर को विनोद कुमार सिंह व अन्य की याचिकाओं पर नगर निगम को चार सप्ताह में फैसला लेने का निर्देश दिया था। इस अवधि में नगर निगम को सुनवाई के बाद भू-उपयोग और भवन अनुमतियों की जांच करनी थी। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट के 2024 के राजेंद्र कुमार बड़जात्या मामले के निर्देशों का पालन भी सुनिश्चित करना था। समिति के अनुसार, 2022 में ऐसे करीब 20 मामले थे, जो अब बढ़कर 80 से ज्यादा हो गए हैं। समिति का कहना है कि फ्रीहोल्ड लीज से कारोबार की अनुमति नहीं मिलती है। प्रस्तावित मास्टर प्लान-2047 में यह क्षेत्र आरजी-3 आवासीय श्रेणी में आता है। समिति ने नियम तोड़ने वाले प्रतिष्ठानों को सील करने की मांग की है। दूसरी ओर, नगर निगम के उपायुक्त भुवन गुप्ता ने कहा कि हाईकोर्ट के करीब 150 मामलों में अलग-अलग आदेश हैं। आदेशों की समीक्षा और कानूनी प्रक्रिया जारी है।
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अरेरा कॉलोनी: हाईकोर्ट की समय सीमा खत्म, प्रतिष्ठान दोबारा खुले, रहवासी दायर करेंगे अवमानना याचिका
13 अक्टूबर 2026 को 11:47 pm बजे
