अवैध मादक पदार्थों के व्यापार और तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए सागर संभाग में प्रशासन सख्त कार्रवाई कर रहा है। इसी क्रम में, पहली बार निरोधात्मक कार्रवाई के तहत, कमिश्नर सागर संभाग दिलीप कुमार ने स्वापक और मन:प्रभावी पदार्थ अवैध व्यापार निवारण अधिनियम, 1988 (पीआईटी एनडीपीएस एक्ट) की धारा 3(1) के तहत दो व्यक्तियों के विरुद्ध निरोध आदेश जारी किए हैं। इन दोनों को केंद्रीय जेल भोपाल भेज दिया गया है। यह कदम समाज को मादक पदार्थों के दुष्परिणामों से बचाने के उद्देश्य से उठाया गया है, जो प्रशासन की जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाता है। जारी निरोध आदेशों के अनुसार, राजेश साहू, पिता कालू साहू, जो ग्राम देवढोंगरा, थाना पटेरा, जिला दमोह के निवासी हैं, को 01 वर्ष की अवधि के लिए निरुद्ध किया गया है। राजेश साहू पर मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्तता के आरोप हैं। इसी तरह, कमलेश उपाध्याय, पिता कृपा शंकर उपाध्याय, ग्राम कुंजी, थाना हिंडोरिया, जिला दमोह के निवासी, जिनकी उम्र 60 वर्ष है, के विरुद्ध 06 माह की अवधि का निरोध आदेश पारित किया गया है। इन दोनों व्यक्तियों को केंद्रीय जेल भोपाल में रखा गया है, जहाँ वे अपनी निरोधात्मक अवधि पूरी करेंगे। यह कार्रवाई इस मायने में महत्वपूर्ण है कि यह केवल सामान्य दंडात्मक कानूनों के तहत मामले दर्ज करने तक सीमित नहीं है। यदि उपलब्ध रिकॉर्ड और परिस्थितियां यह दर्शाती हैं कि संबंधित व्यक्ति की गतिविधियां मादक पदार्थों के अवैध व्यापार को बढ़ावा दे रही हैं और उन्हें प्रभावी ढंग से रोकने के लिए निवारक कार्रवाई आवश्यक है, तो पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के वैधानिक प्रावधानों के तहत निरोधात्मक कार्रवाई की जा सकती है। यह अधिनियम इस प्रकार की गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है। कमिश्नर सागर संभाग दिलीप कुमार ने स्पष्ट किया है कि अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और व्यापार में शामिल तत्वों के प्रति प्रशासन की नीति अत्यंत कठोर है। उनका मुख्य उद्देश्य युवाओं और समाज के भविष्य को नशे के विनाशकारी प्रभावों से बचाना है। इसके लिए पुलिस और प्रशासन उपलब्ध सभी वैधानिक प्रावधानों का उपयोग कर रहे हैं। कुमार ने जोर देकर कहा कि मादक पदार्थों के अवैध कारोबार में पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ केवल सामान्य आपराधिक मामले दर्ज नहीं किए जाएंगे। जहाँ भी वैधानिक शर्तें पूरी होती हैं, वहाँ पीआईटी एनडीपीएस एक्ट जैसे कानूनों के तहत निरोधात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। प्रशासन का यह स्पष्ट संदेश है कि सागर संभाग में मादक पदार्थों का अवैध कारोबार करने वालों के लिए कोई स्थान नहीं है। प्रशासन का लक्ष्य समाज की सुरक्षा सुनिश्चित करना और युवा पीढ़ी को नशे की लत से बचाना है, जिसे सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। ऐसे तत्वों के विरुद्ध कानून के तहत कठोरतम वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वे समाज के लिए कोई खतरा पैदा न कर सकें। इस कार्रवाई के तहत, राजेश साहू, जिनकी उम्र 40 वर्ष है, और कमलेश उपाध्याय, जिनकी उम्र 60 वर्ष है, को केंद्रीय जेल भोपाल में निरुद्ध किया गया है। यह कदम अवैध मादक पदार्थों के व्यापार और तस्करी को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। यह ध्यान देने योग्य है कि पीआईटी एनडीपीएस एक्ट, 1988 के तहत यह सागर संभाग में पहली बार निरोधात्मक कार्रवाई की गई है। यह दर्शाता है कि प्रशासन इस मुद्दे की गंभीरता को समझता है और इससे निपटने के लिए नए और प्रभावी तरीके अपना रहा है। उपलब्ध अभिलेखों और परिस्थितियों के आधार पर यह संतोष व्यक्त किया गया कि संबंधित व्यक्तियों की गतिविधियां मादक पदार्थों के अवैध व्यापार को बढ़ावा देने वाली हैं। इसलिए, ऐसी गतिविधियों को रोकने के लिए निरोधात्मक कार्यवाही आवश्यक समझी गई। प्रशासन का यह स्पष्ट संदेश है कि मादक पदार्थों के अवैध कारोबार में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई केवल सामान्य आपराधिक प्रकरणों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि वैधानिक प्रावधानों के तहत निरोधात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।
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सागर संभाग में पहली बार पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत निरोधात्मक कार्रवाई
30 अक्टूबर 2026 को 11:24 pm बजे
सागर संभाग में पहली बार पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत निरोधात्मक कार्रवाई
