प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) के तहत दमोह जिले ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। दमोह जिले की सहकारी समिति का ऋण स्वीकृत कराने में सफलता मिली है, जो प्रदेश में पहली बार हुआ है। यह ऐतिहासिक उपलब्धि सहायक संचालक सतेंद्र सिंह ठाकुर और डीआरपी सचिन्द्र जैन के अथक प्रयासों का परिणाम है। इस महत्वपूर्ण सफलता में डीआरपी सचिन्द्र जैन की विशेष भूमिका रही। उनके समर्पण, निरंतर मेहनत और प्रभावी कार्यशैली के कारण ही यह संभव हो सका। इस उपलब्धि पर सतेंद्र सिंह ठाकुर और सचिन्द्र जैन को विशेष बधाई दी गई है। उद्यानिकी विभाग जिला दमोह के लिए यह गौरव का क्षण है। यह सफलता न केवल जिले के लिए बल्कि पूरे प्रदेश के उद्यानिकी विभाग के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। सहकारी समितियों के माध्यम से खाद्य प्रसंस्करण और सूक्ष्म खाद्य उद्यमों को बढ़ावा देने की दिशा में यह कदम नए अवसर खोलेगा। विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने भविष्य में भी इसी उत्साह और टीम भावना के साथ काम करते हुए जिले को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प लिया है। इस कार्य में सहायक संचालक सतेंद्र सिंह ठाकुर एवं डीआरपी सचिन्द्र जैन के प्रयासों से यह ऐतिहासिक सफलता उद्यानिकी विभाग जिला दमोह के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है। यह उपलब्धि प्रदेश स्तर पर एक नया कीर्तिमान स्थापित करती है।
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दमोह जिले ने रचा इतिहास: पीएमएफएमई योजना में पहली बार सहकारी समिति का ऋण स्वीकृत हुआ
6 नवंबर 2026 को 11:08 pm बजे
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