मुख्यमंत्री यादव ने मुम्बई में उद्योगपतियों को मध्य प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया, कई प्रस्ताव मिले
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मुंबई में एक निवेशक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश उद्योग और व्यापार के लिए सबसे अनुकूल राज्य बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में उद्योगों की स्थापना के लिए अनेक अनूठी अनुकूलताएं मौजूद हैं, जो इसे निवेश का एक आकर्षक गंतव्य बनाती हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि मध्य प्रदेश जल्द ही भारत की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के 'वी विल डू इट' मंत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत में सब कुछ करने की क्षमता है। मुंबई में आयोजित 'इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन मध्य प्रदेश' सत्र के दौरान, मुख्यमंत्री यादव ने उद्योगपतियों और निवेशकों को फार्मा और मेडिकल डिवाइस जैसे विभिन्न क्षेत्रों में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश एविएशन पॉलिसी के तहत वीजीएफ (वायेबिलिटी गैप फंडिंग) प्रदान करता है और प्रदेश में हेलीकॉप्टर तथा हवाई सेवाओं को भी प्रोत्साहन मिल रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के संबंध एक मां की दो संतानों की तरह हैं, और महाराष्ट्र के बड़े औद्योगिक घरानों ने मध्य प्रदेश को अपना निवेश स्थान बनाया है। मुख्यमंत्री यादव ने उद्योग जगत को जनवरी 2027 में भोपाल में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश में उद्योगों के लिए पर्याप्त भूमि, जल, बिजली, प्राकृतिक संसाधन, कुशल श्रमबल और बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध है। अपर मुख्य सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन नीरज मंडलोई ने कहा कि इन्वेस्ट मध्य प्रदेश पोर्टल 3.0 के माध्यम से निवेश प्रक्रिया को डिजिटल, सरल और पारदर्शी बनाया गया है, जिसमें एआई आधारित प्रणाली, जीआईएस लैंड बैंक और सिंगल कम्प्लायंस जैसी सुविधाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 18 से अधिक सेक्टर आधारित नीतियां लागू हैं, जो उद्योगों की स्थापना में मददगार बन रही हैं।

