मध्य प्रदेश के निजी कॉलेजों में नकद वेतन पर रोक, बैंक खाते में भुगतान जरूरी, 5 लाख तक जुर्माने का प्रावधान
मान्यता और संबद्धता के लिए वेतन भुगतान के प्रमाण होंगे आवश्यक
ग्वालियर और पूरे मध्य प्रदेश के निजी कॉलेजों में अब शिक्षकों और गैर-शिक्षकीय कर्मचारियों को नकद वेतन नहीं दिया जा सकेगा। उच्च शिक्षा विभाग ने वेतन भुगतान के लिए बैंक खातों का उपयोग अनिवार्य कर दिया है। इस नए नियम के तहत, नए सत्र के लिए मान्यता प्राप्त करने, नए कोर्स शुरू करने या संबद्धता जारी रखने के इच्छुक कॉलेजों को अपने कर्मचारियों के वेतन भुगतान के प्रमाण प्रस्तुत करने होंगे। नियमों का उल्लंघन करने या विभागीय पोर्टल पर गलत जानकारी देने वाले कॉलेजों पर अधिकतम 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। यह कदम उन शिकायतों के जवाब में उठाया गया है जिनमें अक्सर कागजों पर अधिक वेतन दिखाकर वास्तविक भुगतान में हेरफेर किया जाता था। वेतन का भुगतान अब पूरी तरह से ऑनलाइन, यानी सीधे कर्मचारियों के बैंक खातों में ही करना होगा। इस संबंध में उच्च शिक्षा विभाग ने स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं। विभाग का यह निर्णय निजी कॉलेजों में टीचिंग और नॉन-टीचिंग स्टाफ को नकद वेतन देने की प्रथा पर पूर्ण विराम लगाता है। यह व्यवस्था वेतन भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और शिक्षकों व कर्मचारियों के साथ होने वाली किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने के उद्देश्य से लागू की गई है। मान्यता प्राप्त करने या संबद्धता जारी रखने के लिए आवेदन करने वाले कॉलेजों को अब अपने वेतन भुगतान के पुख्ता सबूत पेश करने होंगे। इसके लिए उन्हें आवेदन के साथ अपनी कैश बुक, बैंक स्टेटमेंट और कर्मचारियों की बैंक पासबुक की प्रतियां जमा करनी होंगी।
इस जानकारी में कर्मचारियों के नाम, उनकी तस्वीरें, आधार कार्ड नंबर और विश्वविद्यालय से प्राप्त अनुमोदन पत्र की प्रतियां शामिल होंगी। यह सभी विवरण ऑनलाइन अपलोड करना अनिवार्य है। यह कदम वेतन भुगतान की प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
गलत जानकारी दर्ज करने वाले कॉलेजों पर 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। विभाग ने नियमों का उल्लंघन करने और पोर्टल पर गलत जानकारी अपलोड करने वाले कॉलेजों के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान किया है। मामले की गंभीरता के आधार पर, संबंधित कॉलेज पर अधिकतम 5 लाख रुपये तक का अर्थदंड लगाया जा सकता है।

