मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी सांगठनिक कार्यशैली में बड़ा बदलाव करने का निर्णय लिया है। अब पार्टी का संचालन जिला मुख्यालयों के बजाय सीधे बूथ स्तर से किया जाएगा। हाल ही में संपन्न हुई भाजपा की कोर कमेटी की बैठक में इस पर गंभीर मंथन किया गया, जिसके बाद यह बड़ा फैसला लिया गया है। इस नई रणनीति के तहत दीपावली के तुरंत बाद से ही प्रदेश के दिग्गज नेता बूथ स्तर पर सक्रिय नजर आएंगे। नई कार्ययोजना के मुताबिक मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश प्रभारी, सह प्रभारी और संगठन महामंत्री अब सीधे बूथ स्तर के दौरों पर रहेंगे। जिलों के अपने निर्धारित दौरों के दौरान मुख्यमंत्री इनमें से किसी एक बूथ स्तरीय कार्यक्रम में विशेष रूप से शामिल होंगे। वहीं, प्रदेश अध्यक्ष भी जिला मुख्यालयों के साथ-साथ सीधे बूथ पर पहुंचकर संगठन की बैठकें लेंगे। पार्टी के अन्य स्थानीय और जिला स्तर के नेताओं को भी अनिवार्य रूप से बूथों पर समय बिताना होगा। भाजपा का मुख्य फोकस अब जिला मुख्यालयों के मुकाबले बूथ मुख्यालयों को मजबूत करने पर रहेगा, जिससे जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं का मनोबल और पकड़ दोनों मजबूत हो सकें। इस अभियान के तहत बूथ की टीमों को अधिक तवज्जो दी जाएगी और वरिष्ठ नेता बूथ पदाधिकारियों के साथ विशेष ‘टिफिन बैठकें’ करेंगे, ताकि चुनावी और सांगठनिक रणनीति पर खुलकर चर्चा की जा सके। भाजपा की इस नई पहल का मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर पार्टी की पकड़ को और मजबूत करना है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि जिला मुख्यालयों पर केंद्रित रहने की बजाय बूथ स्तर पर सक्रियता बढ़ाने से कार्यकर्ताओं में नया जोश आएगा और वे सीधे जनता से जुड़ पाएंगे। यह बदलाव विशेष रूप से आगामी चुनावों को देखते हुए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां पार्टी हर वर्ग तक अपनी पहुंच सुनिश्चित करना चाहती है। बूथ स्तर पर नेताओं की सीधी मौजूदगी से स्थानीय समस्याओं को समझने और उनका समाधान निकालने में भी मदद मिलेगी। इससे पार्टी को जमीनी हकीकत का अंदाजा होगा और उसी के अनुसार रणनीतियां बनाई जा सकेंगी। कोर कमेटी की बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि प्रदेश के सभी वरिष्ठ नेता, जिनमें मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष शामिल हैं, को बूथ स्तर की गतिविधियों में व्यक्तिगत रूप से भाग लेना होगा। यह सुनिश्चित करने के लिए एक विस्तृत कार्यक्रम तैयार किया जा रहा है, जिसमें हर बड़े नेता के लिए बूथों के दौरे की रूपरेखा तय की जाएगी। इन दौरों के दौरान, नेता बूथ समितियों की बैठकों में हिस्सा लेंगे, कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद करेंगे और उनकी समस्याओं को सुनेंगे। इसका उद्देश्य पार्टी के भीतर एक सकारात्मक और सक्रिय माहौल बनाना है, जहां हर कार्यकर्ता को महत्व दिया जाए। ‘टिफिन बैठकों’ का आयोजन इस रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
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भाजपा का नया प्लान: दिवाली बाद बूथों पर उतरेंगे दिग्गज नेता
27 अक्टूबर 2026 को 11:51 pm बजे

भाजपा का नया प्लान: दिवाली बाद बूथों पर उतरेंगे दिग्गज नेता
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