ऐची-नागोया में बीसवें एशियाई खेलों में भारत के 495 खिलाड़ियों के दल ने 36 खेल अनुशासनों में भाग लेकर एक अत्यंत सराहनीय प्रदर्शन किया है। यह जीत की लहर देश में एक खेल पुनर्जागरण को गति दे सकती है। हालांकि, कुल पदकों की संख्या 2023 में हांग्जो में हुए उन्नीसवें एशियाई खेलों के 106 पदकों के सर्वकालिक उच्च स्तर से कम है, लेकिन यह प्रदर्शन 1951 के बाद से इस आयोजन के सभी संस्करणों में दूसरा सर्वश्रेष्ठ रहा है। यह उपलब्धि भारतीय एथलेटिक्स के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ पर आई है, और सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हमारे खिलाड़ी विश्व स्तरीय मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करें। ऐची-नागोया में, ट्रैक और फील्ड में हमारे बड़े नायक गुलवीर सिंह थे, जो उत्तर प्रदेश के एक सेना के जवान हैं। उन्होंने 2024 में स्कॉट सिमंस के मार्गदर्शन में कोलोराडो स्प्रिंग्स में उच्च ऊंचाई प्रशिक्षण लिया था और 10,000 मीटर और 1500 मीटर में रजत पदक और 5,000 मीटर में कांस्य पदक जीता। यह उपलब्धि उन्हें 1951 और 2018 के बाद एक ही एशियाई खेलों में तीन पदक जीतने वाला तीसरा भारतीय पुरुष एथलीट बनाती है। यह स्पष्ट करता है कि एथलेटिक्स जैसे मुख्य खेल अनुशासनों में निरंतरता और विशेष प्रशिक्षण कितना महत्वपूर्ण है। पुरुषों की ऊंची कूद में 56 साल के इंतजार के बाद भारत को रजत पदक मिला। महिलाओं की पोल वॉल्ट में हमारा पहला पदक तमिलनाडु की एक एथलीट द्वारा जीता गया कांस्य पदक था। टेनिस में भी, 40 वर्षों में पहली बार कोई पदक नहीं मिला, जो चिंता का विषय है।
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एशियाई खेल: भारत का सराहनीय प्रदर्शन, खेल पुनर्जागरण की उम्मीदें जगीं
5 अक्टूबर 2026 को 12:05 am बजे

एशियाई खेल: भारत का सराहनीय प्रदर्शन, खेल पुनर्जागरण की उम्मीदें जगीं
