भतीजे ने स्वीकार की गलती, दिवाली तक लौटाएगा पूरी रकम
बुधवार को पुलिस अधीक्षक सोनाक्षी सक्सेना के निर्देश पर गठित सीनियर सिटीजन पुलिस पंचायत की बैठक हुई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत चौबे के नेतृत्व में हुई इस बैठक में चार प्रमुख मामलों की सुनवाई की गई। इनमें से एक मामला एक 75 साल के बुजुर्ग से जुड़ा था, जिनकी खेती की जमीन पर भतीजे ने कब्जा कर रखा था। बुजुर्ग ने जमीन खरीदने के लिए 10 लाख रुपये दिए थे, लेकिन विक्रेता ने कुछ राशि वापस की और बाकी नहीं लौटाई। बाद में विक्रेता की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण जमीन का सौदा रद्द हो गया था। शिकायत लेकर पंचायत पहुंची मां ने बताया कि बेटे के व्यवहार में बदलाव आया है। केवल पंचायत में शिकायत की सुनवाई होने की बात से ही उन्हें अपना सम्मान वापस मिलने का अहसास हुआ। उन्होंने बताया कि बेटे की शराबखोरी और गाली-गलौज से उन्हें काफी परेशानी थी। इतना ही नहीं, बहन की जमीन भी बेटे के कब्जे में होने की बात कही गई। बेटे ने झगड़ा नहीं करने और भविष्य में उन्हें परेशान नहीं करने का भरोसा दिया। इस मामले में पंचायत ने दोनों पक्षों के दस्तावेज देखे। भतीजे ने रकम लौटाने के लिए कुछ समय मांगा। पंचायत में सुनवाई के लिए पहुंची मां ने बेटे के व्यवहार में सुधार की बात स्वीकार की। उसने झगड़ा न करने और भविष्य में परेशान न करने का वादा किया। पंचायत ने स्पष्ट किया कि खेती की जमीन पर बुजुर्ग का हक है और भतीजे को जमीन छोड़कर बुजुर्ग को सौंपनी होगी। इसके साथ ही, पंचायत ने दोनों पक्षों को अपनी-अपनी जमीन पर खेती करने की सहमति भी दी। मामला पुलिस पंचायत तक पहुंचा तो सुनवाई से पहले ही बेटे ने मां से माफी मांग ली। उसने झगड़ा नहीं करने और भविष्य में उन्हें परेशान नहीं करने का भरोसा दिया।
एक 75 वर्षीय बुजुर्ग की खेती की जमीन पर भतीजे के कब्जे का मामला पुलिस पंचायत में पहुंचा, जहां सुनवाई से पहले ही बेटे ने मां से माफी मांग ली
यदि तय समय सीमा में राशि वापस नहीं की गई, तो वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पंचायत ने विवाद की स्थिति में बुजुर्ग को पुलिस सहायता देने का भी आश्वासन दिया। इस बैठक में अन्य सीनियर सिटीजन के मामलों की भी सुनवाई की गई। मकान से जुड़े दावों का दस्तावेजों के आधार पर अलग से स्पष्टीकरण किया जाएगा। पंचायत ने आपसी सहमति से विवाद सुलझाने के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी। यह मामला तब सामने आया जब बुजुर्ग व्यक्ति ने शिकायत की कि जमीन खरीदने के लिए दिए गए पैसे वापस नहीं मिले और भतीजे ने खेती की जमीन पर कब्जा कर लिया है। पंचायत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों पक्षों को बुलाया और उनकी बात सुनी। दस्तावेजों की जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि जमीन बुजुर्ग की है। भतीजे को निर्देश दिया गया कि वह जमीन खाली करे और बुजुर्ग को सौंप दे।

