श्रीअन्न योजना से मंडला के 424 किसानों को मिली 51 लाख की राशि, 17 लाख को बोनस का लाभ
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बलराम कृषि महोत्सव के अवसर पर मंडला जिले के किसानों से वर्चुअली संवाद किया। उन्होंने किसानों की सफलता की कहानियाँ सुनीं और उन्हें खेती-किसानी के साथ कृषि आधारित अन्य कार्यों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनकी मेहनत से प्रदेश कृषि के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है। राष्ट्रीय एकता दिवस पर उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान को याद किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मंडला भगवान परशुराम और ऋषि-मुनियों की तपोभूमि होने के साथ ही राजा शंकरशाह, कुंवर रघुनाथ शाह और वीरांगना रानी दुर्गावती के शौर्य की धरती है। माँ नर्मदा का आशीर्वाद जिले को प्राप्त है, जिसकी प्राकृतिक संपदा और उपजाऊ भूमि इसे समृद्ध बनाती है। मंडला में धान, अरहर, उड़द, सोयाबीन, मक्का और कोदो-कुटकी जैसी फसलों का अच्छा उत्पादन होता है। सरकार कोदो-कुटकी जैसे पारंपरिक श्रीअन्न के उत्पादन और खरीदी को प्रोत्साहित कर रही है। वीरांगना रानी दुर्गावती श्रीअन्न योजना के अंतर्गत मंडला जिले के 424 किसानों को लगभग 51 लाख रुपये की राशि प्रदान की गई है। जिले के 17 लाख किसानों को कोदो-कुटकी उत्पादन पर बोनस का लाभ मिला है। इन उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने और किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने के लिए सरकार प्रयासरत है। मंडला जिले में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार हुआ है, जिससे सिंचित रकबा बढ़कर लगभग 85 से 90 हजार हेक्टेयर तक पहुंच गया है। लघु सिंचाई की योजनाओं से किसानों को लाभान्वित किया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि कृषि के साथ दुग्ध उत्पादन को भी बढ़ावा मिले, ताकि किसानों की आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित हों। जिले में मत्स्य पालन के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य हो रहा है। 65 जलाशयों में मत्स्य पालन की गतिविधियां संचालित हैं, जिनसे 105 मत्स्य समितियों के माध्यम से लगभग 7 हजार किसानों को लाभ मिल रहा है।
