मध्य प्रदेश स्थापना दिवस पर 'समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश' की मूल भावना के साथ विकास की नई ऊंचाइयों को छूने का संकल्प लिया गया
मध्य प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 'समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश' की मूल भावना को रेखांकित करते हुए प्रदेश के विकास, युवा सशक्तिकरण, महिला सशक्तिकरण, सुशासन और नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में संकल्प व्यक्त किया
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश का स्थापना दिवस केवल एक तारीख नहीं, बल्कि हमारी गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत, समृद्ध परंपराओं, विकास यात्रा और सामूहिक संकल्पों का उत्सव है। 1 नवंबर 1956 को अस्तित्व में आए इस प्रदेश ने सात दशकों में अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं। प्राकृतिक संपदा, नदियों, वनों, ऐतिहासिक धरोहरों, धार्मिक स्थलों, जनजातीय संस्कृति और मेहनतकश नागरिकों से समृद्ध यह प्रदेश आज देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। भगवान श्रीमहाकाल की नगरी उज्जैन, मां नर्मदा की पावन धारा, सांची का विश्व-विख्यात स्तूप, खजुराहो की अद्भुत स्थापत्य कला, भीमबेटका की ऐतिहासिक विरासत और जनजातीय समाज की गौरवशाली परंपराएं हमारी पहचान हैं। मध्य प्रदेश की यही विविधता हमारी शक्ति है। आज हमारा लक्ष्य इस विरासत को संरक्षित रखते हुए विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करना है। वर्ष 2026 को हम किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रहे हैं। इसी भावना के साथ इस वर्ष मध्य प्रदेश स्थापना दिवस की मूल भावना "समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश" है। हमारा विश्वास है कि किसान खुशहाल होगा तो गांव समृद्ध होंगे और गांव समृद्ध होंगे तो मध्य प्रदेश आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से आगे बढ़ेगा। मध्य प्रदेश कृषि प्रधान प्रदेश है और हमारे किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। किसानों की आय में वृद्धि, कृषि को लाभकारी बनाना और खेती को आधुनिक तकनीक से जोड़ना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए राज्य सरकार किसान कल्याण को लेकर अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। हम सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, कृषि अधोसंरचना के विकास, प्राकृतिक खेती, उन्नत बीज, आधुनिक कृषि यंत्रों, खाद्य प्रसंस्करण और कृषि आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित कर रहे हैं। खेती के साथ उद्यानिकी, दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन और पशुपालन जैसी गतिविधियों को जोड़कर किसानों के लिए आय के अतिरिक्त अवसर विकसित किए जा रहे हैं। हमारा संकल्प है कि किसान केवल अन्नदाता ही नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और समृद्ध भी बने। किसान की समृद्धि ही मध्य प्रदेश की समृद्धि का वास्तविक आधार है।
