मध्य प्रदेश की जेलों में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, राज्य सरकार ने हाल ही में एक समिति का गठन किया है। यह समिति 2024 में पारित मध्य प्रदेश सुधारात्मक सेवाएँ एवं कारागार अधिनियम के तहत मसौदा नियमों की जांच करेगी। इस अधिनियम को राज्य विधानसभा ने जुलाई 2024 में मंजूरी दी थी और अगस्त में राज्यपाल की सहमति प्राप्त हुई थी। इस समिति में जेल विभाग के प्रमुख सचिव के साथ-साथ वित्त, गृह और कानून विभागों के सचिव भी शामिल होंगे। समिति अपनी रिपोर्ट मुख्य सचिव को 10 दिनों के भीतर सौंपेगी। इस नए अधिनियम का उद्देश्य जेलों और कैदियों के प्रति दृष्टिकोण को बदलना है, जहाँ जेलों को केवल दंड देने के स्थान के बजाय सुधार केंद्र के रूप में देखा जाएगा। हालांकि, इस बड़े सुधार को अभी तक पूरी तरह से लागू नहीं किया जा सका है क्योंकि अधिनियम के तहत नियम अभी भी तैयार किए जा रहे हैं। यह नया कानून तीन मौजूदा कानूनों को प्रतिस्थापित करेगा, जिनमें से दो औपनिवेशिक काल से चले आ रहे हैं। ये कानून हैं - जेल अधिनियम, 1894; कैदी अधिनियम, 1900; और कैदियों का स्थानांतरण अधिनियम, 1950। नए अधिनियम के तहत, जेलों को अब 'कारागार और सुधारात्मक संस्थान' के नाम से जाना जाएगा, और संबंधित मुख्यालयों व विभागों के नामों में भी तदनुसार परिवर्तन किया जाएगा। इसमें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालती कार्यवाही, कैदियों की उनके परिवार के सदस्यों के साथ ई-मीटिंग, टेलीमेडिसिन और मोबाइल डीएक्टिवेटर जैसी आधुनिक तकनीक के उपयोग का प्रावधान है। यह अधिनियम विशेष रूप से ट्रांसजेंडर कैदियों के लिए विशेष प्रावधान करता है और अधिक 'खुली जेलों' की स्थापना पर जोर देता है। कैदियों के अच्छे आचरण और अनुशासन को बनाए रखने के लिए उन्हें प्रोत्साहित करने के एक साधन के रूप में 'फर्लो' (अस्थायी रिहाई) के प्रावधान का प्रस्ताव है। नए कानून के तहत, कैदियों को कानूनी सहायता सुनिश्चित करने का भी प्रावधान है। यह अधिनियम गृह मंत्रालय द्वारा पेश किए गए मॉडल जेल मैनुअल 2016 पर आधारित है। यह मैनुअल जेलों पर ध्यान केंद्रित करने के तरीके को केवल दंडात्मक हिरासत से बदलकर कैदियों के सुधार, कौशल विकास और सामाजिक पुनर्एकीकरण की ओर ले जाता है। इस पहल का उद्देश्य जेलों को सुधार गृहों में बदलना है, जहाँ से रिहा होने वाले व्यक्ति समाज में सकारात्मक योगदान दे सकें। यह कदम कैदियों के प्रति समाज के दृष्टिकोण में बदलाव लाने और उन्हें मुख्यधारा में वापस लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
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मध्य प्रदेश: जेल सुधारों के लिए समिति गठित, नियमों पर होगी सुनवाई
31 अक्टूबर 2026 को 10:52 pm बजे

मध्य प्रदेश: जेल सुधारों के लिए समिति गठित, नियमों पर होगी सुनवाई
