दमोह जिले में स्वामित्व योजना के तहत पंजीयन कार्य को गति देने के लिए कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने अधिकारियों को अहम दिशा-निर्देश दिए हैं। उन्होंने विशेष रूप से आधार संबंधी समस्याओं के त्वरित निराकरण पर जोर दिया, ताकि ग्रामीणों को अनावश्यक परेशानी न हो। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत लंबित किस्तों के भुगतान के लिए लगभग 3 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई है, और नगरपालिका दमोह को यह राशि आवंटित की गई है। पात्र हितग्राहियों की सूची पारदर्शिता के साथ तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं
दमोह जिले में स्वामित्व योजना के कार्यों में तेजी लाने के लिए कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने अहम दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि आधार संबंधी समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया जाए, ताकि ग्रामीणों को अनावश्यक परेशानी न हो और पंजीयन प्रक्रिया सुगम बन सके। यह निर्देश उन्होंने समय-सीमा बैठक के दौरान दिए, जिसमें तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों और संबंधित विभागों के अधिकारियों को भी बुलाया गया था। बैठक का मुख्य उद्देश्य भूमि संबंधी मामलों का त्वरित निपटारा कर स्वामित्व योजना के क्रियान्वयन को गति प्रदान करना था। कलेक्टर यादव ने इस बात पर जोर दिया कि स्वामित्व योजना के तहत पंजीयन कार्य में तेजी लाई जाए। उन्होंने विशेष रूप से गांवों में आयोजित होने वाले शिविरों के दौरान आधार कार्ड से संबंधित समस्याओं, जैसे संशोधन या अपडेट, का मौके पर ही समाधान उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जिले में संचालित हो रहे 100 से अधिक आधार केंद्रों के अधिकारियों को इस कार्य के लिए निर्देशित किया गया है। इस सुविधा से ग्रामीणों को अपने आधार कार्ड में सुधार के लिए भटकना नहीं पड़ेगा, जिससे पंजीयन प्रक्रिया में तेजी आएगी और अधिक से अधिक लोग योजना का लाभ उठा सकेंगे। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। कलेक्टर यादव ने बताया कि योजना के अंतर्गत जिन हितग्राहियों की 1.0 की दूसरी और तीसरी किस्तें लंबे समय से लंबित थीं, उनके भुगतान के लिए शासन से अनुरोध किया गया था। इस अनुरोध के परिणामस्वरूप, नगरपालिका दमोह को लगभग 3 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हो चुकी है। वर्तमान में, संबंधित हितग्राहियों की सूची तैयार की जा रही है ताकि जल्द से जल्द भुगतान प्रक्रिया पूरी की जा सके। इस संबंध में, कलेक्टर ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) को पारदर्शिता से सूची तैयार करने और पात्र हितग्राहियों के खातों में राशि भेजने की प्रक्रिया सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी पात्र हितग्राही को किस्तों के भुगतान में असुविधा का सामना न करना पड़े। यह कदम उन लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आएगा जो लंबे समय से आवास योजना की किस्तों का इंतजार कर रहे थे। पंजीयन कार्य की गति को बढ़ाने के लिए सर्वर पर कम लोड होने का लाभ उठाने की रणनीति पर भी काम किया जा रहा है। कलेक्टर यादव ने बताया कि स्वामित्व योजना के पंजीयन कार्य की गति सर्वर पर अधिक लोड होने के कारण प्रभावित होती है। इसे ध्यान में रखते हुए, सुबह और शाम के समय विशेष प्रयास किए जा रहे हैं ताकि सर्वर पर लोड कम होने का फायदा उठाकर पंजीयन कार्य को तेजी से पूरा किया जा सके। प्रशासन का लक्ष्य है कि सभी पात्र हितग्राहियों के कार्य समय पर पूरे हों। प्रशासन यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में हितग्राहियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

