अधिकारियों की मनमानी से 100 बीघा से अधिक जमीन का अनावश्यक अधिग्रहण
उज्जैन में एयरपोर्ट निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण में बड़े घालमेल का खुलासा हुआ है। अफसरों ने आधिकारिक लेआउट से अलग नक्शे पर काम करते हुए अनावश्यक 100 बीघा से ज्यादा जमीन को सूची में डाल दिया। इससे मुआवजे में 200 करोड़ रुपए से अधिक का अंतर आ रहा है। जांच में सामने आया कि जिस लेआउट पर जमीन ली जानी थी, उससे हटकर एक केएमएल फाइल के आधार पर अधिग्रहण की रूपरेखा बनाई गई। इस फेरबदल से 120 बीघा जमीन का मिसमैच हुआ, जो सामान्य नहीं माना जा रहा है। एयरपोर्ट के लिए दो गांवों दताना और नरवर में 700 बीघा जमीन अधिगृहीत होनी है। इसमें नरवर में 120 बीघा से ज्यादा अनावश्यक जमीन के प्रस्ताव बनाए गए, जबकि जरूरत वाले दताना गांव में कम जमीन ली गई। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) से स्वीकृत नक्शा मिलने के बावजूद मनमाने ढंग से अधिग्रहण हुआ। एसडीएम कृतिका भीमावद ने इस मामले में सामने आई केएमएल फाइल को गुमराह करने वाली बताया है। नायब तहसीलदार आलोक चौरे द्वारा बनाई गई इस फाइल के आधार पर हुए अधिग्रहण की सूची को अब अफसर गुपचुप तरीके से सुधारने में जुट गए हैं।

