विद्यालयों, महाविद्यालयों और छात्रावासों में एंटी ड्रग्स समितियां बनाने के निर्देश
संभागायुक्त कर्मवीर शर्मा ने भोपाल संभाग में ड्रग्स और अवैध शराब के निर्माण, बिक्री व परिवहन के खिलाफ निरंतर अभियान चलाने तथा दोषियों के विरुद्ध रासुका व एनडीपीएस एक्ट के तहत कठोर कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए कहा कि नशे के नेटवर्क को ध्वस्त किया जाए। उन्होंने नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया और स्पष्ट किया कि इस कार्य में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, जिससे संभाग को पूर्णतः नशामुक्त बनाया जा सके
संभाग के सभी जिलों में नशे के निर्माण, बिक्री और परिवहन के खिलाफ लगातार अभियान चलाकर दोषियों के खिलाफ रासुका और एनडीपीएस एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। संभागायुक्त कर्मवीर शर्मा ने गुरुवार को संभागायुक्त कार्यालय में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशे के नेटवर्क को ध्वस्त किया जाए और इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूकता अभियान भी चलाया जाए। इस कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पूर्ण अंतर्विभागीय और अंतर्जिला समन्वय के साथ भोपाल संभाग को ड्रग्स और अवैध शराब मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। बैठक में वीसी के माध्यम से भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार, आईजी भोपाल देहात पंकज पाण्डे, आईजी नर्मदापुरम् चंद्रशेखर सोलंकी, संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, आबकारी अधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। संभागायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि संभाग के सभी विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों और छात्रावासों में एंटी ड्रग्स समितियां स्थापित की जाएं। इन समितियों की नियमित बैठकें होंगी और ये विद्यार्थियों को नशे के खतरों के प्रति जागरूक करेंगी। नशे के सौदागरों और अवैध शराब के कारोबार की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन को तत्काल उपलब्ध कराई जाए। संभागायुक्त ने ड्रग्स उन्मूलन के लिए जिलेवार कार्य योजना बनाने और उस पर सख्ती से अमल करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक छात्रावास के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जो नशे के खिलाफ निरंतर कार्रवाई सुनिश्चित करेगा। पुलिस प्रशासन और आबकारी अधिकारियों की संयुक्त टीमें छात्रावासों और अन्य संवेदनशील स्थलों का नियमित निरीक्षण करेंगी ताकि नशे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई हो सके। उन्होंने ड्रग्स के दुरुपयोग को रोकने के लिए दवा की दुकानों के प्रतिनिधियों के साथ भी बैठक करने के निर्देश दिए। मेडिकल एसोसिएशन के साथ मिलकर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि दवाओं का नशीले पदार्थ के रूप में दुरूपयोग न हो। मैदानी स्तर पर नशे और अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई के लिए मोहल्लावार समितियां गठित की जाएंगी। शासकीय अस्पतालों में नशा मुक्ति के लिए आने वाले मरीजों के उपचार हेतु एक अलग से परामर्श कक्ष (सेल) बनाने का सुझाव भी बैठक में दिया गया। कलेक्टर राजगढ़ ने बैठक में बताया कि उनके जिले में वर्तमान में कोई नशामुक्ति केंद्र संचालित नहीं है। इस पर संभागायुक्त शर्मा ने सामाजिक न्याय विभाग को इस संबंध में भेजे गए प्रस्ताव पर त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

